तीर्थनगरी वृंदावन में बंदरों का उत्पात है तो मथुरा के लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। यहां दो दिन पहले बंदरों ने एक महिला को छत से धक्का दे दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसका उपचार वृंदावन के रामकृष्ण मिशन अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को महिला की मौत हो गई। बता दें कि एक दिन पूर्व वृंदावन में उत्पाती बंदर डीएम नवनीत सिंह चहल का चश्मा उतारकर ले गया था। यह घटना उस वक्त हुई , जब डीएम बांकेबिहारी मंदिर के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे।
मथुरा में नंदोत्सव के दिन भार्गव गली निवासी लता शर्मा अपने पति अवधबिहारी शर्मा के साथ शाम के वक्त छत पर थीं। अवध बिहारी चारपाई पर बैठे हुए थे, जबकि वह छत पर किनारे खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक लड़ते हुए आए दो बंदरों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे लता शर्मा करीब आठ फीट नीचे दूसरी छत पर गिर गईं। घायल अवस्था में उन्हें उपचार के लिए वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया था। दो दिन उपचार के बाद सोमवार को लता शर्मा ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
बता दें कि मथुरा-वृंदावन में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है। रविवार को श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पास जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल का चश्मा लेकर बंदर भाग गया था। काफी मशक्कत के बाद बंदर ने चश्मा छोड़ा था। वृंदावन में आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। कई बार तो बंदरों के हमले से श्रद्धालु और स्थानीय लोग बंदरों के हमले से घायल भी हो जाते हैं। लेकिन अब तक उत्पाती बंदरों की समस्या खत्म नहीं हुई है।