कासगंज। शहर से लगे ढोलना क्षेत्र के आसपास के कुछ गांवों में भेड़िया दिखाई देने की चर्चा तेजी से तैर रही हैं। इन गांवों में से बिरहरा गांव में तो भेड़िया द्वारा बकरी को निशाना बनाने की बात भी ग्रामीण कह रहे हैं। हालांकि वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार यह जानवर भेड़िया नहीं है। फिलहाल अटकल और अनुमानों के बीच लोगों में दहशत का माहौल है। गांव बिलहरा, गांव इटऊआ सहित आसपास के कुछ गांवों में सोमवार की रात से ही भेड़िया देखे जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। गांव बिरहरा के ग्रामीणों का कहना है कि सोमवार रात में आए भेड़िये ने ग्रामीण बच्चन सिंह की बकरी पर हमला कर दिया था। बाद में यह बकरी मर गई। इसी तरह गांव इटऊआ, ढोलना, फिरोजपुर, इटऊआ, भारसोली आदि के ग्रामीण भी भेड़िया देखे जाने की बात कह रहे हैं। इटऊआ निवासी चरन सिंह व इरशाद ने बताया कि रात में करीब 12 बजे वह घर के बाहर चार-पांच साथियों के साथ ताश खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक भेड़िया आया, उन्होंने देखा तो वह एकदम चौंक गए और उसे भगाने का प्रयास किया। जैसे ही भेड़िये ने उनकी आवाज सुनी तो वह तेजी से कूदता हुआ भाग गया। इन चर्चाओं से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीण रात में लाठी-डंडे लेकर भेड़िये की तलाश में कॉबिंग भी कर रहे हैं। इस बात की जानकारी ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को भी दी गई। वन विभाग की टीम गांव बिरहरा भी पहुंची। वहीं वन क्षेत्राधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि गांव बिरहरा आदि में भेड़िया मिलने की जानकारी मिलने पर टीम गांव गई थी। जानवर के पैरों के निशान भी देखे गए। यह निशान भेड़िये के नहीं लग रहे हैं। यह सियार हो सकता है। जिला बहराइच में भेड़िया देखे जाने की चर्चा इतनी जोरों पर है कि ग्रामीण सियार अथवा रात के अंधेरे में कुत्ते को भी भेड़िया समझ रहे हैं।