वकीलों के स्वाभिमान से नहीं होने देंगे खिलवाड़
-दीवानी में मध्यांचल अधिवक्ता स्वाभिमान सम्मेलन हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। दीवानी में बुधवार को मध्यांचल अधिवक्ता स्वाभिमान सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में 14 जिलों की बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आगरा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हेमेंद्र पाठक ने कहा कि वकीलों के स्वाभिमान से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। वकीलों की प्रमुख संस्था बार काउंसिल को वकीलों की शंकाओं का समाधान करना होगा। वकीलों की एकजुटता और संघर्ष से ही प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू होगा।
बदायूं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ कृष्ण पाराशर ने कहा कि वकीलों को अपनी लड़ाई अब खुद ही लड़नी पड़ेगी। वकीलों के प्रतिनिधि दबाव में समझौता करने के आदी हो चुके हैं। कासगंज के अध्यक्ष दशरथ सिंह चौहान ने कहा कि मध्यांचल की हमेशा उपेक्षा की गई है। पूर्वांचल के प्रतिनिधि सत्ता के दबाव में ही निर्णय लेते हैं। सम्मेलन के संयोजक सौरभ यादव ने कहा कि बार काउंसिल और बार एसोसिएशन की चुनाव नियमावली में अंतर है। जो नियम बार काउंसिल के प्रतिनिधि के लिए है, वही नियम बार एसोसिएशन के सदस्य के लिए भी होने चाहिए।
सम्मेलन के सह संयोजक संतोष यादव राजू ने कहा कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण ही मध्यांचल का सम्मेलन हुआ है। मध्यांचल के 14 जिलों के वकीलों ने शामिल होकर सम्मेलन को मजबूती दी है। एएच हाशमी द्वारा संचालित कार्यक्रम की अध्यक्षता सौदान सिंह यादव टूंडला ने की। आगरा के पीयूष श्रीवास्तव, अनूप शर्मा, एटा के राकेश यादव, सुनील यादव, सहावर के सुबोध कुमार वर्मा, पटियाली के ओमकार सिंह चौहान, इटावा के मुकेश यादव, संतोष कुमार, सिरसागंज के राजेश कुमार यादव, शिकोहाबाद के वेदप्रकाश यादव, फिरोजाबाद के ब्रजेश कुमार, कन्नौज के धर्मवीर सिंह, छिबरामऊ के अजय यादव मौजूद रहे। सुरक्षा के लिहाज से सीओ सिटी के नेतृत्व में दीवानी में पुलिस बल मौजूद रहा।
मध्यांचल अधिवक्ता संघ का गठन
मैनपुरी। दीवानी में मध्यांचल अधिवक्ता स्वाभिमान सम्मेलन के बाद मध्यांचल अधिवक्ता संघ का गठन करने का निर्णय लिया गया। संयोजक सौरभ और सह संयोजक संतोष के प्रस्ताव पर मध्यांचल अधिवक्ता संघ बनाया गया। संगठन का संविधान और नियमावली बनाने की जिम्मेदारी संयोजक और सह संयोजक को दी गई। वकीलों के स्वाभिमान को बचाने के लिए अगली बैठक में संगठन के पदाधिकारियों का चुनाव करने का प्रस्ताव 14 जिलों के प्रतिनिधियों ने पारित किया। संवाद