ताजनगरी आगरा में रविवार सुबह हुई झमाझम बारिश से शहर की सड़कें तरबतर हो गईं। पिछले तीन दिन से आसमान में छाए बादल बरसे तो लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। हालांकि शनिवार सुबह काली घटाएं घिरने से बारिश की आस जगी, लेकिन बादल बरसे नहीं। अधिकतम तापमान में गिरावट आई लेकिन उमस बढ़ी हुई रही।
रविवार को तीन घंटे तक हुई बारिश से शहर की कई बस्तियां लबालब हो गईं। कॉलोनियों में भी दो से तीन फुट तक पानी भर गया। कई जगह घरों और दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव के कारण बिजलीघर, फतेहाबाद रोड, बोदला रोड पर लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
शहर में बारिश से होने वाले जलभराव से लोगों को मुक्ति नहीं मिल सकी है। रविवार को सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई बारिश दोपहर 12 बजे तक चलती रही। इससे लोहामंडी, बेसन की बस्ती, तोता का ताल, पश्चिमपुरी, अलबतिया रोड पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया। बिजलीघर रेलवे पुल के नीचे पानी भर गया।
घरों और दुकानों में भरा पानी
रोशन मोहल्ला, काजीपाड़ा जैसे निचले इलाकों में घरों व दुकानों तक पानी भर गया। पक्की सराय, मुगल पुलिया, नुनिहाई, कमला नगर में ब्रज धाम कॉलोनी में भी जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। सेंट जोंस चौराहे पर भी पानी की निकासी नहीं होने का कारण वाहन फंसे रहे।
जुलाई माह में औसत से ज्यादा हो चुकी बारिश
विभाग के जारी आंकड़ों के मुताबिक आगरा में जुलाई माह में 214.9 मिमी बारिश का औसत है, जबकि इससे ज्यादा 286 मिमी बारिश हो चुकी है। मानसून की दस्तक के साथ ही आगरा में बारिश बेहतर रही। लगातार तीन दिन बारिश हुई, जिसमें बुधवार को 26.5 मिमी, बृहस्पतिवार को 55.4 मिमी और शुक्रवार को 19.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।