आगरा में शनिवार की सुबह हुई बारिश से शहर की सड़कें दरिया में बदल गईं तो गलियां नहरों में। बेहद तेजी से नाले उफनाने और साइड पटरियों के ऊपर एक फुट तक पानी बहने लगा। काजीपाड़ा, लोहामंडी, राजनगर, राजपुर चुंगी, शंकरगढ़ पुलिया के साथ पुराने शहर में पीपलमंडी क्षेत्र में भी नालों के उफनाने से नाले और सड़कों का अंतर खत्म हो गया। बारिश का पानी सड़कों से निकलने में सात से आठ घंटे का समय लगा। दोपहर 3 बजे के बाद सड़कों से पानी निकल सका।
दावे फेल, नालों में भरी पड़ी थी कतरनें
मानसून से पहले कई बैठकों में मेयर नवीन जैन ने सेनेटरी इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों को कहा था कि जलभराव हुआ तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी, लेकिन नालों में कतरनें भरी मिली जो बारिश में नाला उफनाने के कारण सड़कों पर आ गईं। सभी परंपरागत जगहों पर नाले उफनाने के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया, जो दोपहर तक बना रहा। चौंकाने वाला पहलू ये है कि जिन सेनेटरी इंस्पेक्टरों के क्षेत्र में जलभराव हुआ, उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर नगर निगम ने सम्मानित किया।
खेरिया मोड़, बिजलीघर, शंकरगढ़ पर पहले से ज्यादा पानी
सुबह बारिश के बाद शंकरगढ़ पुलिया, अलबतिया रोड, अवधपुरी, सुभाष नगर, पृथ्वीनाथ फाटक, आजमपाड़ा, बल्केश्वर, मुगल रोड, अशोक नगर, फ्रीगंज, शमसाबाद रोड, उखर्रा रोड, फतेहाबाद रोड, मारुति एस्टेट, पश्चिमपुरी रोड, पीपलमंडी, राजपुर चुंगी, शहीद नगर, इंदिरापुरम, जवाहरपुरम, ग्वालियर रोड, मुस्तफा क्वार्टर, चर्च रोड, आवास विकास कॉलोनी, लोहामंडी रोड, कैलाशपुरी, हलवाई की बगीची, खेरिया मोड़, अर्जुन नगर, ईदगाह, लाल मस्जिद में पानी भर गया।