बाह। पशु रजिस्ट्रेशन के साथ बटेश्वर में घोड़ा और ऊंट का मेला आबाद होने लगा है। घोड़ा मेला में जिला पंचायत ने प्रकाश का इंतजाम करा दिया है। लेकिन ऊंट के मेला में अंधेरा है। घोड़ा मेले में टैंकर से पानी की सप्लाई शुरू की है। दुरुस्त हुए हौज भी पानी से भरे जा रहे हैं। क्षतिग्रस्त पड़े पानी के हौजों की मरम्मत शुरू हो गई है। लेकिन ऊंट के मेला के हौज खाली पड़े हैं। मथुरा के नरेश कुमार, धर्मपाल, बलवीर, होशियार ने बताया कि ऊंट के मेला क्षेत्र में साफ-सफाई भी नहीं की है। उन्होंने जिला पंचायत से पानी और प्रकाश का इंतजाम किए जाने की मांग की है। बरेली के जोगेंद्र सिंह, पंजाब के बलबन्दर सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में खेतों में फसल कटी पड़ी है। घोड़ों को उतारने में दिक्कत हो रही है। मेला में मवेशी आने के साथ ही किसान भी अपनी फसल को समेट कर घर ले जाने में दिन रात जुटे हुए हैं। किसानों ने बताया कि बाढ़ के बाद बची फसल को मवेशी से बचाने के लिए घर ले जा रहे हैं। व्यापारियों की खाने खुराक के लिए परेशानी दूर हो गई है। पशुओं की शृंगार के सामान की दुकानें आबाद होने से भी व्यापारी किसानों ने राहत की सांस ली है। जिला पंचायत के मेला प्रभारी मसूद रजा, जिला पंचायत सदस्य महेश कठेरिया, इंजीनियर लवकेश कुमार, धारा सिंह ने बताया कि पानी की टंकी चालू कराने और पूरे मेले में प्रकाश का इंतजाम कराने में जुटे हैं। व्यापारियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।