कासगंज। गंगा के जलस्तर में पिछले 48 घंटों से लगातार कमी हो रही है। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को 40 सेंटीमीटर जलस्तर और कम हो गया, जिससे तटवर्तीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन श्रावण मास में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खतरा बरकरार है। ऐसी स्थिति में गंगाघाटों पर पुलिस की सतर्कता जारी है।
हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम होने के साथ ही कछला घाट पर जलस्तर 162.60 मीटर के निशान पर पहुंच गया। सोमवार को कछला का जलस्तर 163 मीटर के निशान पर था। ऐसी स्थिति में फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। बहरोजपुर की सड़क तक पहुंचा गंगा पानी वापस लौटने लगा है। लेकिन तटीय इलाकों में कटान का खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग लगातार निगरानी करा रहा है। वहीं, गंगा स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए बढ़ा जलस्तर मुसीबत बना हुआ है। गंगा के किनारे पर प्रशासन ने पहले से ही बल्लियां लगाकर खतरे के निशान के बोर्ड लगा दिए हैं और पुलिसकर्मी भी घाट पर रहकर श्रद्धालुओं को आगाह कर रहे हैं।
बैराजों से पानी डिस्चार्ज-
- हरिद्वार से डिस्चार्ज- 45568 क्यूसेक।
- बिजनौर से डिस्चार्ज- 31863 क्यूसेक।
- नरौरा से डिस्चार्ज- 18445 क्यूसेक।