मैनपुरी। जिला अस्पताल में पहुंचने वाले घायलों के उपचार में लापरवाही की जा रही है। यहां घायलों के टांके लगाने और काटने का कार्य वार्ड ब्वाय को करते हुए देखा जा रहा है। जिला अस्पताल में चार-चार ओटी टेक्नीशियन की तैनाती है, लेकिन वे मरहम पट्टी कक्ष में मौजूद नहीं रहते हैं।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में घायलों का उपचार रामभरोसे है। अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले घायल आदि के टांके लगाने की जिम्मेदारी ओटी टेक्नीशियन की है लेकिन ओटी टेक्नीशियन अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। मामूली रूप से घायलों को टांक कटवाने और लगवाने के लिए मरहम पट्टी कक्ष में भेजा जा रहा है जबकि यहां कोई भी ओटी टेक्नीशियन मौजूद नहीं रहता है।
घायलों को सर्जिकल उपचार देने के लिए टेक्नीशियन की जरूरत होती है। चाहे टांके लगवाने की बात हो या फिर टांके काटने की टेक्नीशियन से ही कार्य कराया जाना चाहिए। लेकिन जिला अस्पताल की ओपीडी में ये सभी कार्य वार्ड ब्वाय को करना पड़ रहा है।
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केस नंबर-एक
जिला अस्पताल टांके कटवाने के लिए पहुंचे आगरा रोड निवासी राजेश ने बताया कि वह ओटी टेक्नीशियन के पास गया था यहां उससे 70 रुपये टांके कटाने के मांगे गए। जब रुपये देने से मना कर दिया तो 14 नंबर में भेज दिया गया। यहां वार्ड ब्वाय ने टांके काटे।
केस नंबर-दो
शहर के मोहल्ला राजा का बाग निवासी दीपांशु ने बताया कि उसकी बच्ची के चोट लग गई थी। वह टांके कटवाने के लिए जिला अस्पताल की ओटी में पहुंचा तो यहां मौजूद कर्मचारी ने उसे 14 नंबर में टांके कटवाने के लिए भेज दिया।
जिला अस्पताल में सर्जिकल कार्य की जिम्मेदारी ओटी टेक्नीशियन की है। ओटी टेक्नीशियन यदि अपने कार्य में लापरवाही कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई होगी।
डॉ. मदनलाल, सीएमएस