कासगंज। लोकसभा चुनाव में मतदान कर अपनी सहभागिता दर्ज कराने आए काफी संख्या में मतदाताओं को मायूस होकर लौटे। वह मतदान नहीं कर सके। इसका कारण रहा कि उनका नाम ही मतदान सूची में नहीं था। लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन ने काफी प्रयास किए। इसमें नए मतदाताओं के नाम बढ़ाने के साथ पुराने मतदाताओं के नाम नहीं कटें, इसका ध्यान रखने के लिए प्रशासन ने कवायद की, लेकिन मतदान के दिन यानि 7 मई मंगलवार को इस सारी कवायद की पोल खुल गई। उन्होंने अपना काम सही से पूरा नहीं किया। कासगंज विधानसभा के दुर्बीन सिंह जूनियर हाईस्कूल महमदपुर पुख्ता में मिली कैलाश देवी ने बताया कि उनके घर में 7 सदस्य हैं लेकिन चार का नाम सूची में नहीं है। उनके दोनों बेटे और उनकी बहुओं का नाम कट गया है। इसी बूथ पर मिली चरण देवी ने बताया कि उनका वोट तो आ गया है लेकिन उनके पति का नाम नहीं है। इसी तरह शहर के नगर पालिका इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर गजेंद्र गोयल ने तो वोट डाल दिया लेकिन उनकी पत्नी का वोट इस बार कट गया। इससे वह नाराज दिखे। इसी तरह शहर के ही मतदान केंद्र आजाद गांधी पार्क में वोट डालने आए युवा विनायक ने बताया कि नगर पालिका के चुनावों में तो उन्होंने वोट डाला था लेकिन इस बार मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। इसी बूथ पर मिलीं महिला शिखा का भी वोट नहीं इस बार नहीं आया। इससे बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूची तैयार करने की कवायद की पोल खुल गई।