कासगंज। जिले में संपन्न हुए निकाय चुनाव में सहावर के मतदाताओं ने सबसे अधिक समझदारी के साथ मताधिकार का प्रयोग किया। इसका परिणाम रहा कि इस निकाय में सबसे कम 2.39 प्रतिशत वोट खराब हुए। इसका परिणाम रहा कि मतदाता अपने पसंद के प्रत्याशी को वोट देकर भी नहीं दे सके। क्योंकि उनके वोट खराब हो गए। जिले की 10 निकायों में 145953 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट बैलेट के माध्यम से डाले गए। अध्यक्ष पद के लिए वोट डालने वाले मतदाताओं में से 5707 को बैलेट पेपर से वोट डालना नहीं आया। क्याेंकि मतदान का 3.91 प्रतिशत वोट खराब घोषित किए गए। यदि निकायवार देखा जाए तो सबसे कम वोट सहावर निकाय क्षेत्र में खराब हुए। यहां 2.39 प्रतिशत वोट खराब हुए।
सोरोंजी में सबसे अधिक 6.17 प्रतिशत वोट खराब हुए। इसीक्रम में अमांपुर में 5.28 प्रतिशत मतदताओं ने, कासगंज में 4 प्रतिशत मतदताओं ने, पटियाली में 3.86 प्रतिशत मतदाताओं ने, सिढ़पुरा में 3.95 प्रतिशत, गंजडुंडवारा के 3.74 प्रतिशत, बिलराम में 3.33 प्रतिशत, भरगैन में 2.97 प्रतिशत, मोहनपुर में 2.91 प्रतिशत वोट खराब घाेषित किए गए। नगरीय क्षेत्रों में होने वाले चुनाव के दौरान इतनी संख्या में वोट खराब होना चिंतनीय है। मतपत्र से वोट डालते समय वोट खराब न हो इसके लिए मतदान कर्मचारी मतपत्र को फोल्ड करके देता है, ताकि वोट खराब न हो, और मतदाता द्वारा लगाई गई मोहर दूसरे प्रत्याशी के खाने मेंं न लग सके।