कासगंज। जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों को अब जल्द ही जिले में इलाज मिलने लगेगा। कोरोना के समय बनी बीएसएल टू लैब में ही हेपेटाइटिस के मरीजों के वायरल लोड की जांच की व्यवस्था की जा रही है। इस व्यवस्था के बाद मरीजों को काफी राहत मिल जाएगी। समय से उनको उपचार मिल सकेगा।जिले में हेपेटाइटिस के मरीजोंं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। अभी तक जिले में इस बीमारी के वायरल की ही जांच के इंतजाम हैं। मरीज का इलाज वायरल लोड के आधार पर किया जाता है। जिला अस्पताल की लैब में किसी मरीज के हेपेटाइटिस की पुष्टि होती है तो उसकी रिपोर्ट को एम्स भेजा जाता है। इसके बाद एम्स से रिपोर्ट कंफर्म होती है। फिर दवा की सप्लाई दी जाती है। तब कहीं मरीज का इलाज शुरू होता है। जिससे मरीज को इलाज में काफी समय लग जाता है। इन मरीजों के लिए अब जिले में ही वायरल लोड व ट्रीटमेंट सेंटर की स्थापना होने जा रही है। बिड़ला अस्पताल में कोरोना के समय बीएसएल टू लैब बनाई गई थी। यह लैब एक साल से अधिक समय से बंद पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग इस लैब में ही हेपेटाइटिस की जांच करेगा। जांच के बाद जिला अस्पताल में ट्रीटमेंट सेंटर में ऐसे मरीजों का उपचार किया जाएगा। मरीजों की जांच एवं रिपोर्ट जिला अस्पताल में ही कंफर्म हो जाएगी। इससे रिपोर्ट एम्स नहीं भेजनी पड़ेगी।