जिले में पहली बार लागू की गई हाईवे फैसिलिटी ग्रीन बेल्ट के विरोध में ग्रामीण शनिवार को सड़कों पर उतरे। ट्रैक्टर ट्राली से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट में हंगामा करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन दिया।
महायोजना 2031 के लिए खींचे गए खाका में जिले में पहली बार हाईवे फैसिलिटी ग्रीन बैल्ट योजना लागू की गई है। इसके तहत भोगांव रोड पर जेल चौराहा से ललूपुर रेलवे क्रॉथ्संग तक सड़क के दोनों ओर 200 मीटर की दूरी तक किसी भी प्रकार के नए निर्माण को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस मार्ग पर पहले से ही सड़क किनारे दुकान और मकान बने हुए हैं।
शनिवार को कई गांवों के लोग ट्रैक्टर ट्राली से नारेबाजी करते हुए पुलिस लाइन के पास ट्रांजिस्ट हॉस्टल पहुंचे और डीएम को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें हाईवे फैसिलिटी ग्रीन बेल्ट को रोक कर नया बाईपास बनाकर उस पर इसे विकसित करने की मांग की।
पर्यटन मंत्री को सौंपा ज्ञापन
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को ज्ञापन ग्रामीणों ने ट्रांजिस्ट हॉस्टल में ज्ञापन दिया। कलेक्ट्रेट पर विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया, सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन दिया। प्रदर्शन करने वालों में गढि़या, नगला चुन्नी, ललूपुर आदि के ग्रामीण शामिल रहे।
विधानसभा में उठाएंगे आवाज
जेल चौराहा से ललूपुर रेलवे क्रासिंग की सीमा में लागू किए गए हाईवे फैसिलिटी ग्रीन बैल्ट से इस क्षेत्र के गांवों में रहने वाले किसानों को नुकसान होगा। सरकार को घर उजाडऩे की जगह लोगों को आवास और रोजगार देना चाहिए। ग्रामीणों की आवाज को विधानसभा में उठाकर सरकार को समस्या बताई जाएगी। - ब्रजेश कठेरिया, विधायक किशनी