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एबीआरसी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, शिक्षा विभाग में नहीं थम रहा भ्रष्टाचार

Fri, 25 Oct 2019 12:37 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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थाना ताजगंज में रिश्वत मांगने के आरोपी एबीआरसी - फोटो : अमर उजाला
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शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार थम नहीं रहा है। ताजा मामला आगरा से जुड़ा है। एबीआरसी द्वारा सहायक अध्यापक से नियुक्ति के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। जिसके बाद विजिलेंस की टीम से शिकायत की गई। विजिलेंस की टीम ने एबीआरसी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। थाना ताजगंज में भ्रष्ट एबीआरसी के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया है। 
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थाना ताजगंज के बरौली अहीर में एक सहायक शिक्षक देवेंद्र कुशवाह पिछले कुछ दिनों से अपनी नियुक्ति को लेकर सहायक खंड शिक्षा अधिकारी हरिओम दुबे से गुजारिश कर रहे थे। लेकिन, एबीआरसी हरिओम दुबे लगातार रुपयों की मांग कर रहे थे। इसकी शिकायत शिक्षक ने विजिलेंस विभाग को की थी। 

गुरुवार को विजिलेंस की टीम ने शिक्षक की शिकायत पर कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया गया कि टीम ने हरिओम दुबे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद एबीआरसी हरिओम दुबे के खिलाफ थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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गौरतलब है कि हाल ही में अछनेरा में एक लिपिक ने रुपयों की मांग की थी। आगरा में एंटी करप्शन टीम ने एबीएसए अछनेरा कार्यालय में तैनात लिपिक को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था। बाबू ने एक प्रधानाध्यापक से 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। 

फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव दारापुर मिलावली निवासी शैलेंद्र कुमार सिंह पुत्र दफेदार सिंह विकास खंड अछनेरा के गांव गढ़ीमा में स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात थे।

शैलेंद्र ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अछनेरा में तैनात कनिष्ठ लिपिक प्रबल दुबे से मार्च 2017 से जून 2018 तक के एरियर का भुगतान कराने के लिए कहा। जिस पर लिपिक ने प्रधानाध्यापक से काम करने के एवज में 10 हजार रुपये घूस मांगी। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की।
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