रविवार को किशोरी को लेकर उसके पिता ने मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करने का मन बनाया। किशोरी के पिता के मुताबिक सुबह आठ बजे कचहरी पर जाकर प्रार्थना पत्र टाइप कराया। करीब 8.30 बजे जब घर लौटा तो वहां एक दरोगा मौजूद थे।
घर में नजरबंद रहा परिवार
उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आप लोगों के घर से बाहर न जाने का आदेश दिया है। वह कमरे में बैठ गए। हम लोगों ने बताया कि जाना जरूरी है, लेकिन नहीं माने। दवा लेने का बहाना किया तो कहा कि साथ में चलकर दवा दिलवाएंगे। शाम करीब 4.30 बजे वह घर से गए। तब तक मुख्यमंत्री जिले से जा चुके थे।
एएसपी धनंजय सिंह कुशवाह ने बताया कि किशोरी ने इतने लंबे समय बाद आरोप लगाए हैं, यह जांच का विषय है। साथ ही उपनिरीक्षक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। सीओ सिटी को जांच सौंपी गई है।