वीरांगना झलकारीबाई की शोभायात्रा निकाली
जगह-जगह हुआ स्वागत, सभा में बोले लोग, नहीं भुलाया जा रहा सकता वीरांगना का बलिदान संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। कोरी समाज और अन्य लोगों के सहयोग से वीरांगना झलकारीबाई की जयंती को लेकर शहर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शहर में जगह-जगह जोरदार स्वागत हुआ। शोभायात्रा के समापन अवसर पर करहल रोड पर एक सभा हुई। सभा में अतिथियों ने कहा कि वीरांगना झलकारीबाई को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
वीरांगना झलकारीबाई की जयंती को लेकर शहर के आगरा रोड से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि सर्वेश कुमार शंखवार और ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता ने वीरांगना झलकारीबाई के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया। शोभायात्रा का शहर में कई जगह जोरदार स्वागत किया गया। शोभायात्रा मंडी गेट से शुरू होकर आगरा रोड, बड़ा चौराहा, संता बसंता चौराहा, तांगा स्टैंड, नगर पालिका चौराहा, कृष्णा टाकीज रोड होते हुए करहल रोड स्थित पवनसुत मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।
यहां एक सभा का आयोजन हुआ। सभा में मुख्य अतिथि सर्वेश कुमार शंखवार ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई महारानी लक्ष्मीबाई की सेना में सेनापति थीं। वह लक्ष्मीबाई की हमश्कल थीं। उन्होंने अपने जीवन की चिंता किए बिना अंग्रेजों से लोहा लिया। अंग्रेजों ने समझा कि वह लक्ष्मीबाई के पीछा कर रहे हैं तब तक झांसी की रानी को वहां से निकलने का मौका मिल गया। बाद में वह अंग्रेजों के हाथों पकड़ी गईं। आलोक गुप्ता ने कहा कि झलकारीबाई की तरह से सेवाभाव रखने वाले लोग कम ही मिलते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक माधुवेंद्र सिंह, सियाराम शंखवार, बीपी सिंह शंखवार, पंकज कुमार कोरी, योगेश कुमार कोरी, राजकुमार, जितेंद्र कुमार, उदयवीर सिंह, अजय कुमार मौजूद रहे।