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मंच से नाम लेकर पूछते थे सहयोगियों का हालचाल

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मैनपुरी।
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तत्कालीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का ठेठ देहाती अंदाज मतदाताओं के दिलों पर हमेशा छाया रहा। चुनावी सभाओं में हजारों की भीड़ में सहयोगियों का नाम लेकर उनका हालचाल पूछने की अदा के लोग हमेशा कायल रहे। इसी अदा के चलते नेताजी मुलायम सिंह यादव का जादू अंतिम समय तक मतदाताओं को लुभाता रहा।
इटावा की जसवंतनगर विधानसभा से राजनीतिक कैरियर शुरू करने वाले मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 1984 में मैनपुरी को कर्मभूमि बनाकर औरैया के रहने वाले रवींद्र सिंह चौहान को चुनाव लड़ाया, लेकिन उनको जिता नहीं सके। पहली बार मुलायम सिंह ने गांव-गांव जाकर मतदाताओं से वोट भी मांगे। वर्ष 1989 से लगातार उनके प्रत्याशी ही चुनाव जीतते रहे। मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र की मुलायम सिंह यादव की चुनावी सभाएं लोगों को आज भी याद हैं, जिनमें वह अपने सहयोगियों को नाम लेकर पुकारते थे।
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आजाद हिंद इंटर कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता 92 साल के नाथूराम यादव बताते हैं कि नेताजी जनता के नेता थे, जिससे एक बार मिले उसके हो गए। जिस क्षेत्र में चुनावी सभा की वहां के लोगों पर अपने ठेठ देहाती अंदाज की छाप छोड़ी। जैन इंटर कॉलेज और नर सिंह इंटर कॉलेज के मैदान पर की चुनावी सभाओं में लोगों का मंच से नाम लेकर न केवल हालचाल पूछा, बल्कि चुनाव जिताने को भी कहा। औंछा क्षेत्र के नगला नया के 82 साल के विद्याराम यादव बताते हैं कि पड़रिया चौराहे पर नेताजी की सभा का लोगों को इंतजार रहता था। हर सभा में नेताजी मंच से मैदान में भीड़ के बीच बैठे अपने पुराने सहयोगियों को खड़ा करके चुनावी माहौल की जानकारी लेते थे। नेताजी वास्तव में धरती पुत्र थे।
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