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Agra News: यूरिया की किल्लत बरकरार, कतार में किसान

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कासगंज/अमांपुर/ गंजडुंवारा। जिले में यूरिया का संकट बना हुआ है। खाद लेने के लिए जगह - जगह सहकारी समितियों पर किसान कतारों में शनिवार को खड़े रहे। सहावर ब्लॉक की म्यांसुर की सहकारी समिति पर किसानों ने समिति के सचिव पर खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाकर हंगामा किया। शिकायत पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने समिति के स्टॉक की जांच की और एडीओ की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया। अन्य समितियों पर भी किसानों को खाद के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यहां तक कि महिलाएं भी कतारों में खड़ी होकर खाद के लिए परेशान हैं।
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म्यांसुर की समिति पर यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लगी हुईं थीं। किसानों को जानकारी मिली कि समिति ने एक दिन पूर्व यूरिया खाद की कालाबाजारी कर दी गई है। इस बात पर किसानों ने हो हल्ला करने लगे। हंगामे की सूचना पर सहावर तहसील के नायब तहसीलदार मुकेश कुमार पहुंचे। समिति के सचिव पर किसानों ने खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया। इस पर तहसीलदार ने समिति के सचिव से स्टॉक आदि की जानकारी ली। सचिव ने कहा कि वह खाद के वितरण का सत्यापन कराएंगे। सेल रजिस्टर सही न मिलने पर नायब तहसीलदार ने नाराजगी जाहिर की। इसके पश्चात एडीओ प्रदीप कुमार वर्मा की निगरानी में खाद का वितरण कराया। खाद का वितरण शुरू होने पर किसान शांत हुए। गंजडुंडवारा की क्षेत्रीय सहकारी समिति नवाबगंज पर भी किसानों की भीड़ यूरिया लेने के लिए एकत्रित थी। जहां यूरिया का वितरण धीमी गति को लेकर किया जा रहा था। जिसको लेकर किसान नाराज हो गए । क्षेत्रीय सहकारी समिति मोहल्ला घासी में खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ थी। सहकारी क्रय विक्रय समिति पर खाद की उपलब्धता नहीं थी और समिति के गेट पर ताला लगा हुआ था। पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र पर किसानों और महिलाओं की खाद लेने के लिए भीड़ लगी थी। किसानों को समितियों पर यूरिया न मिलने से परेशानी हो रही है। अमांपुर की क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड इफको केंद्र पर खाद की उपलब्धता थी, लेकिन किसानों की लंबी लाइन लगीं थीं। सहकारी समिति नादरमई पर यूरिया का स्टॉक खत्म हो गया। यहां किसान खाद के लिए परेशान हो रहे थे। वहीं सोरोंजी की क्षेत्रीय सहकारी समिति पर खाद नहीं थी।
किसानों की बात
- किसानों को यूरिया खाद न मिलने से काफी दिक्कतें हैं। इस समय गेहूं को यूरिया की जरूरत है। खाद के लिए समिति के बार बार समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही- उमेश यादव, नगला गढ़ी।
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- यूरिया न मिलने से काफी परेशानी है। खेती पिछड़ रही है। यदि जल्द यूरिया नहीं मिली तो पैदावार पर असर होगा - मानपाल, नगला भवानी।
- यूरिया का संकट जल्द ही खत्म होगा। खाद आने वाली है। 830 मीट्रिक टन वफर स्टॉक खाद आ रही है और इफको की 1100 मीट्रिक टन खाद आ रही है। सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।
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