उत्तर प्रदेश के एटा में हादसे का शिकार हुए हाथरस जिले के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के नगला घासी गांव निवासी हुकुम सिंह, इनकी पत्नी श्रीमतीदेवी और पुत्र बॉबी मजार पर चादर चढ़ाने के लिए जा रहे थे। लेकिन, तीनों ही कफन में लिपटकर घर लौटे। ऐसी चर्चाएं पोस्टमॉर्टम हाउस पर होती रहीं। जबकि महीपाल सिंह निवासी गदुआ, थाना पिलुआ के बेटे की बरात शुक्रवार को जानी है। शादी वाले घर में मातम छा गया है।
धान कुटवाने के लिए गए थे
हादसा थाना व कस्बा पिलुआ क्षेत्र में हुआ। गदुआ गांव निवासी योगेश कुमार ने बताया कि चाचा महीपाल सिंह फौजी अपने बेटे कपिल कुमार की शादी की तैयारियां कर रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह धान कुटवाने के बाद चावल लेकर घर आने का कहकर निकले थे। चावल लेकर जैसे ही बाइक से निकले तभी कार ने रौंद दिया।
शादी की खुशियां मातम में बदल गईं
बताया कि कपिल की शुक्रवार को बरात जाएगी। सभी परिजन शादी की तैयारियों में लगे हुए थे। अब खुशियां मातम में बदल गईं हैं। नगला घासी निवासी उमेश कुमार ने बताया कि भाई हुकुम सिंह, भाभी और बॉबी के साथ कस्बा पिलुआ के पास स्थित सैय्यद बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने के लिए सुबह सात बजे निकले थे।
मजार पर चादर चढ़ाने जा रहे थे
मजार से 500 मीटर पहले ही पुराने थाने भवन के पास कार के रौंदने से तीनों की मौत हुई है। बताया कि काफी समय पहले चादर चढ़ाने के लिए बोला था। बहुत समय तक चादर नहीं चढ़ाने पर भतीजे ने माता-पिता को अपने साथ जाने को तैयार किया था।