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UP News: केंद्रीय मंत्री मंच से बोले- आगरा में बैराज, स्टेडियम बने...सीएम योगी ने हां कही न ना

Tue, 27 Aug 2024 07:49 AM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, आगरा

सार

आगरा आए सीएम योगी के सामने मंच से आगरा में बैराज, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और  रिवर फ्रंट जैसी तमाम बातें रखी गईं, लेकिन यूपी के मुखिया ने न तो हां कहा और न ना। 

 
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आगरा में सीएम योगी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जब सांसद, विधायक, मेयर से लेकर पंचायत चुनाव तक में जनता ने सब कुछ दिया हो, तो अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं। यमुना पर बैराज बने। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बने। रिवर फ्रंट बने। नाइट लाइफ हो। पर्यटन को बढ़ावा मिले। ये मांगें सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मंच से रखीं। लेकिन मुख्यमंत्री ने इन मांगों को लेकर न हां कहा, न ना कहा।
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‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में ‘सूबे के मुखिया ने जो कहा, पूरा नहीं हो सका वो काम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें मुख्यमंत्री की ओर से घोषित उन योजनाओं की हकीकत बयां की गई थी जो अधूरी पड़ी हैं। सोमवार को आगरा से सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने दुर्गादास राठौर प्रतिमा अनावरण के लिए सजे मंच से मुख्यमंत्री के समक्ष इन योजनाओं की बात उठाई।

बघेल ने कहा दुर्गादास हमारे साझा पुरखे थे। आगरा की जनता ने सबकुछ दिया है। सांसद, विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर हर चुनाव में साथ निभाया है। इसलिए अपेक्षाएं बहुत बढ़ गई हैं। जो पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि आगरा के चार-चार खिलाड़ी देश के लिए खेल रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनना चाहिए। गंगाजल आने से वॉटर लेवल बढ़ा है, लेकिन यमुना पर बैराज बन जाए। बैराज बनने से भी जलस्तर बढ़ेगा। रिवर फ्रंट बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली से पर्यटक आते हैं, लेकिन यहां रुकते नहीं हैं। इसलिए यहां नाइट लाइफ होनी चाहिए। आईटी पार्क शुरू होना चाहिए। आईटी पार्क गैर प्रदूषणकारी उद्योग है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री की बातों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। उनकी रखी गई मांगों पर सीएम ने न हां कहा और न मना किया।

योजनाएं जो घोषणा के बाद रह गईं अधूरी
- वर्ष 2017 में यमुना पर रबर डैम की घोषणा की, जो 7 साल से अधूरी है।

- 2017 में एयरपोर्ट का नाम बदला, 7 साल बाद भी काम पूरा नहीं हुआ।
- 2017 से शिल्पग्राम में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण का काम अधूरा पड़ा है।

- 2020 में म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी रखा, काम शुरू नहीं हुआ।
- दिसंबर, 2023 में हेलीकॉप्टर सेवा का उद्घाटन, हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके।
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