सहावर। थाना सहावर क्षेत्र के बधारी कलां गांव में भतीजी और ताऊ की मौत से कोहराम मच गया। भतीजी कैंसर रोग से पीड़ित थी। उसकी लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत की जानकारी अलीगढ़ में रहने वाले ताऊ को मिली तो वह इस गम को सह न सके। दिल का दौरा पड़ने से उनकी भी मृत्यु हो गई।
जानकारी के अनुसार, गांव बधारी कलां निवासी मुंशीलाल की पुत्री प्रेमलता नेत्रहीन थी। दिव्यांग होने के बाद भी वह पढ़ाई-लिखाई में होशियार थी। उसे कैंसर हो गया था और उसका उपचार लखनऊ के लक्ष्य कैंसर हॉस्पीटल में चल रहा था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बृहस्पतिवार की सुबह प्रेमलता का शव गांव लाया गया और उसकी मृत्यु की जानकारी रिश्तेदारों को दी गई। जैसे ही मृतका के ताऊ बिहारी लाल निवासी अलीगढ़ को यह जानकारी मिली तो उन्हें गहरा सदमा पहुंचा। कुछ ही देर बाद दिल का दौरा पड़ने से उनकी भी मृत्यु हो गई। बिहारी लाल रिटायर्ड दरोगा थे। परिवार में एक साथ दो मौत होने से गांव में गमगीन माहौल रहा। लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। प्रेमलता का अंतिम संस्कार गांव बधारी कलां और ताऊ बिहारी लाल का अंतिम संस्कार अलीगढ़ में ही किया गया। पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।