उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शहर से लेकर देहात क्षेत्र में अवैध तरीके से संचालित नर्सिंग होम व क्लीनिक का मकड़जाल फैला हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिकोहाबाद रोड स्थित दो नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। ऑपरेशन थिएटर मानकों के अनरूप नहीं मिले। इस पर दोनों के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया।
सीएमओ कार्यालय में 52 नर्सिंग होम पंजीकृत हैं। जबकि, 20 क्लीनिक और छह पैथोलॉजी पंजीकृत हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में अपंजीकृत इकाइयां संचालित हैं। यह नर्सिंग होम पंजीकृत हैं। उनमें ऐसे चिकित्सकों के नाम बोर्ड पर लिख लिए गए हैं जो मिलते ही नहीं है। यहां ओटी आदि का कोर्स किए स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मरीजों का ऑपरेशन कर दिया जाता है। जबकि मरीज के कागजों पर सर्जन चिकित्सक के नोट्स पड़े रहते हैं।
ओटी को सील किया गया
इसका खुलासा तक हुआ जब शहर के शिकोहाबाद रोड स्थित गोपाल हॉस्पीटल व गायत्री हॉस्पीटल में एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी शनिवार को अपनी टीम के साथ व्यवस्थाओं को देखने पहुंचे। एसीएमओ ने बताया कि बालाजी नर्सिंग होम में तीन ऑपरेशन किए हुए मरीज भर्ती थे। लेकिन, चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। जानकारी करने पर बताया चिकित्सक बाहर गए हैं। ओटी भी मानकों के अनुरूप नहीं थी। इस पर ओटी को सील करने की कार्रवाई की।
नर्सिंग होम संचालक भाग गया
गायत्री हॉस्पीटल में भी ओटी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। यहां भी एसीएमओ को मरीज भर्ती मिले। इस पर ओटी को सील कर दिया। यहां भी बताया गया चिकित्सक बाहर गए हैं। इसके बाद वह पीपल अड्डा पर एक नर्सिंग होम पर पहुंचे। जहां नर्सिंग होम संचालक शटर गिराकर भाग गया। एसीएमओ ने बताया पंजीकृत नर्सिंग होमों में चिकित्सक न मिलने की शिकायत थी। विभाग द्वारा कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।