कासगंज। डीएपी के लिए किसान परेशान हैं। सहकारी समितियों पर खाद नहीं पहुंचने से दो दिनों से किसानों की कतारें लग रही हैं। शुक्रवार को बार-बार सर्वर डाउन होने से पीओएस मशीन आफ लाइन होने से किसानों को परेशानी हुईं। उधर साधन सहकारी समिति ब्लॉक परिसर पर तैनात सचिव और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शराब पीकर बिना पीओएस (प्वाइंट आफ सेल) मशीन के माध्यम से ही डीएपी का वितरण कर रहा था। शिकायत के बाद डीएम ने दोनों को निलंबित कर दिया है।
शुक्रवार को बार-बार सर्वर डाउन होने से किसानों को परेशानी हुईं। दो दिनों में 400 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण हो सका। डीएपी को लेने पहुंचे लेने किसान जब लाइन में लगे - लगे थक कर जमीन पर बैठ गए। बृहस्पतिवार को 10 दिनों बाद समितियों पर डीएपी एवं एनपीके उर्वरक पहुंची। जिससे किसानों को लाइनें लगानी पड़ी। एक से दो घंटे बाद किसानों का नंबर आ सका । शुक्रवार को भी किसान सुबह ही समितियों पर पहुंच गए और लाइनों में लग गए। जहां साधन सहकारी समिति ब्लॉक परिसर कासगंज पर तैनात सचिव यतेंद्र कुमार एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मी नरेश के द्वारा शराब पीकर डीएपी का वितरण कर रहे थे। किसानों ने जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी। डीएम हर्षिता माथुर ने जांच कराएं जाने के बाद दोनों को निलंबित कर दिया है।
सर्कुलर रोड सहकारी समिति, गंजडुंडवारा सहकारी समिति, बिलराम सहकारी समिति सहित अन्य समितियों पर किसानों की भीड़ रही। किसानों को कतार में डीएपी का वितरण कराने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में डीएपी का वितरण हुआ।
जनपद में 1168 मीट्रिक टन डीएपी की रैक आते ही उसका वितरण शुरु कर दिया गया है। शुक्रवार की दोपहर तक 400 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण हो चुका हैं। बिना पीओएस के माध्यम के डीएपी का वितरण करने की शिकायत पर जांच कराई गई, स्टॉक एवं वितरण का भी लेखा जोखा नहीं था। शराब पीए जाने के आरोप के चलते उनका मेडिकल परीक्षण भी कराकर दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
- सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी