सोरोंजी। रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की 512 वी जयंती तीर्थं नगरी में उल्लास के साथ मनाई गई। तुलसी जयंती पर तुलसी पार्क स्थित तुलसी प्रतिमा का पंचाभिषेक कर पूजन किया गया। इस दौरान लोगों ने कहा कि संत तुलसी दास ने यहां की पवित्र भूमि में जन्म लिया है। इस सत्य को झुठलाया नही जा सकता। इस सत्य की लड़ाई के लिए सोरों के लोग कभी पीछे नहीं हटेंगे।
आचार्य दिलीप वशिष्ठ ने वैदिक मंत्रोच्चार कर तुलसी प्रतिमा का पूजन अर्चन कराया। उपस्थित लोगों ने तुलसी प्रतिमा की आरती उतारकर पुष्पांजलि की। परिक्रमा कर तुलसीदास के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। विहिप मार्गदर्शक मंडल के संरक्षक स्वामी दिव्यानंद योगी ने कहा कि सोरोंजी की पवित्र धरा पर जन्मे तुलसी ने रामचरित मानस महाकाव्य की रचना करके मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम को जन जन का राम बना दिया। रामचरित मानस का अध्ययन हमें अपने गुणों अवगुणों के आसानी से मूल्यांकन के साथ नैतिकता, मानवता, कर्म और त्याग की ओर प्रेरित करता है।
स्वामी पगलानंद ने कहा कि रामचरित मानस चौपाइयों में वो दिव्य शक्ति है कि अगर कोई नियमित पाठ करे तो दु:ख, विषाद, निराशा, रोग एवं सभी प्रकार की क्लेश नष्ट हो जाती है। इस मौके पर अध्यक्ष हेमेंद्र शास्त्री, विहिप नगर संयोजक सुनील तिवारी, डॉ. प्रभाकर पाराशरी, सुरेश पटियात, उपेंद्र मिश्रा, डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल, कृष्णकांत वशिष्ठ, राजेन्द्र तिवारी, निर्मल तिवारी, उमाकांत, श्रीकांत तिवारी, राधाकृष्णविजय, सुरेश पचौरी, अशोक तिवारी, रामेश्वरदयाल महेरे, संजय दुबे, विजय भारद्वाज, छोटेलाल महेरे, कैलाश चंद्र कटारे, पवन उपाध्याय, राहुल वशिष्ठ, उमेश पाठक, आदित्य काकोरिया, आशुतोष त्रिवेदी, गंगा विष्णु माफ़ीदार, रविन्द्र ब्रह्मचारी, डॉ. एनडी मौर्य, शरद पांडेय, भूपेश शर्मा, सतीश भारद्वाज आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।