सोरोंजी। तुलसी जयंती पर भी संत तुलसीदास इंटर कॉलेज में बने तुलसी शोध संस्थान का ताला नहीं खुला और न ही कोई कार्यक्रम आयोजित हुआ। तीर्थनगरी के ब्राह्मण कल्याण सभा के पदाधिकारी व सदस्य शोध संस्थान पर पहुंचे। वहां ताला लटका देख मायूस हुए। उन्होंने शोध संस्थान के संचालन की मांग की। पांच वर्ष पूर्व नगर पालिका ने तुलसी शोध संस्थान की स्थापना कराई थी, लेकिन तब से न शोध प्राध्यापक की तैनाती की गई और न ही कोई शोधार्थी पंजीकृत हुआ। ब्राह्मण कल्याण सभा के शिव वैंदेले ने कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर संस्थान बनाया गया। उनके लिए संस्थान कार्य नहीं कर रहा। शरद कुमार पांडे ने आरोप लगाया कि संस्थान में संत तुलसीदास से संबंधित कोई सामग्री नहीं है। इसके लिए नई कमेटी गठित करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि संस्थान संचालित हो तो संत तुलसीदास के जन्मस्थान को लेकर लड़ाई भी मजबूती से लड़ी जा सकेगी। शोध संस्थान को संचालित करने की सौरभ चतुर्वेदी, हरिओम पचौरी, नगेंद्र दीक्षित, पवन दुबे, सौरभ उपाध्याय, सिद्धांत गुप्ता, अभिषेक वशिष्ठ, आरके विजय, रोहित निर्भय आदि ने मांग की।