दो बार जेल जाने के बाद भी नहीं झुके थे शोभाराम चन्द्रवंशी
बाह। बटेश्वर की क्रांति से पहले भी आजादी की लड़ाई में शोभाराम चंद्रवंशी ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। आजादी के जुनून में दो बार जेल गये, लेकिन जंग जारी रखी। आजादी के आंदोलन में बटेश्वर के शोभाराम चंद्रवंशी 1930 और 1943 में गिरफ्तार हुए, अर्थ दंड के साथ जेल की कठोर सजा भुगती, लेकिन वह झुके और न टूटे। शोभाराम चंद्रवंशी की पुण्यतिथि पर गुरुवार को श्रद्धा सुमन अर्पित कर याद किया गया। उनके त्याग और बलिदान के किस्सों के साथ नमन करने वालों में रामसिंह आजाद, विनोद सांवरिया, नरेन्द्र भारतीय, नरेन्द्र चन्द्रवंशी, किताब सिंह वर्मा, राजेश कुमार आदि रहे।