सोरोंजी। साधना की राह में हौंसलों की कावंड़ उठाकर श्रद्धालु दुर्गम पथ पर पूरे जोश के साथ बम भोले के जयकारे लगाते हुए चल रहे हैं। कोई 200 तो कोई 300 किमी की यात्रा कर महादेव पर गंगाजल अर्पित करेगा। भोले की भक्ति की डगर को कांवड़िये कठिन साधना करते हुए हौंसलों से पूरा कर रहे हैं। शुक्रवार से कांवड़ियों की संख्या में और इजाफा होगा। श्रावण मास का अंतिम सोमवार 4 अगस्त को है इसके चलते पिछले तीन सोमवार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। श्रावण मास में गंगा जल से भोलेनाथ के अभिषेक की मान्यता है। ऐसे में तमाम श्रद्धालु सैकड़ों किमी का सफर तय कर सोरोंजी के लहरा गंगाघाट पहुंच रहे हैं। रविवार की रात तक श्रद्धाल़ुओं को आवागमन होगा। अभी मध्यप्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालु लगातार कांवड़ भरकर ले जा रहे हैं। बुधवार को मध्यप्रदेश, राजस्थान के श्रद्धालुओं की संख्या अधिक नजर आई। वहीं आगरा, फिरोजाबाद व आसपास के जनपदों के कांवड़िवे भी तीर्थनगरी में गंगाजल लेने आए। हरि की पौड़ी के पवित्र जल में गंगा स्नान कर परिक्रमा लगाई और क्षेत्राधीश भगवान वराह के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। लहरा घाट पहुंचकर कांवड़ियों ने गंगा किनारे कांवड़ सजाकर उसमें पवित्र गंगाजल से भरा पात्र रखा। पूजा अर्चना कर परिक्रमा लगाई। लहरेश्वर मंदिर में मत्था टेककर आगे की यात्रा शुरू की। जगह जगह पुलिसकर्मी कांवड़ियों का मार्गदर्शन करते नजर आए।