खानपान और जीवनशैली व्यवस्थित न होने से कम उम्र के लोग भी ब्लडप्रेशर और डायबिटीज आदि बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, स्ट्रोक, गंभीर सांस रोगियों की संख्या बढ़ गई है। डॉ. की सलाह है कि 40 साल से ज्यादा वाले लोगों को ब्लडप्रेशर, डायबिटीज की जांच कराती रहनी चाहिए।
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज ब्लडप्रेशर, डायबिटीज से पीड़ित मरीज पहुंच रहे है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष बंसल का कहना है कि ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के सर्वाधिक मरीज 40 से 70 वर्ष तक की उम्र के होते थे। पहले 50 वर्ष की उम्र के बाद लोगों में ये बीमारियां पाई जाती थीं। उनकी सलाह है कि लोगों को 40 वर्ष की उम्र होने पर निश्चित अंतराल पर ब्लडप्रेशर, डायबिटीज की जांचें कराते रहनी चाहिए। समय से बीमारी का पता लगने पर इसे नियंत्रित और ठीक भी किया जा सकता है।
नियमित तौर पर दवाएं लें
डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि बीमारी की चपेट में आ चुके लोगों को खानपान और जीवनशैली व्यवस्थित रखनी चाहिए। चिकित्सकों से परामर्श से दवाएं नियमित तौर पर लेती रहनी चाहिए।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- नियमित रूप से व्यायाम करें और वजन बढ़ने न दें।
- डाइट में संतुलन बनाएं और फास्टफूड का सेवन न करें।
- जीवनशैली में बदलाव करें और पूरी नींद लें, तनाव न लें।
- चिकित्सक की सलाह के अनुरूप समय से दवाएं लें।