मैनपुरी। सरकार बेहतर चिकित्सीय सेवाएं देने के निर्देश अफसरों को दे रही है। वहीं जिला अस्पताल में दवा आदि की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है। अब एक बार फिर जिला अस्पताल में टिटनेस का इंजेक्शन खत्म हो गया है।ऐसे में अब तीमारदारों को बाजार से खरीदकर इंजेक्शन मरीजों को लगवाने पड़ रहे हैं।
दुर्घटना में घायल होकर आने वालों, गर्भवती महिलाओं और सर्जरी के दौरान मरीजों को टिटनेस का इंजेक्शन लगाया जाता है। 21 लाख की आबादी वाले मैनपुरी के जिला अस्पताल में मरीजों के लिए मात्र 13 रुपये की कीमत के टिटनेस के इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए तीमारदारों को बाहर से टिटनेस के इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। यही नहीं इमरजेंसी में तैनात स्टाफ भी चिंतित है। स्टाफ का कहना है कि कई तीमारदार और मरीज बाहर से इंजेक्शन लिखने पर लड़ने को तैयार हो जाते हैं। यदि इंजेक्शन न लगाया जाए तो उनके जीवन से खिलवाड़ होगा मजबूरी में उनसे इंजेक्शन बाहर से मंगवाना पड़ रहा है।
व्यवस्था पर भड़क गया तीमारदार
बृहस्पतिवार को दुर्घटना में घायल होकर पहुंचे मरीज देवेश के लिए जब जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात स्टाफ नर्स ने बाहर से टिटनेस का इंजेक्शन लाने के लिए कहा तो देवेश के साथ मौजूद तीमारदार गौरव नाराज हो गया। बोला मैडम ये हालत जिला अस्पताल का है कि यहां सबसे कम कीमत का टिटनेस का इंजेक्शन तक नहीं है तो यहां मरीज लाने से क्या फायदा।
40 रुपये किराए के हुए खर्च, फिर भी खरीदना पड़ा इंजेक्शन
शहर के मोहल्ला करहल रोड चौराहा निवासी प्रिंस के हाथ में चोट लग गई थी। प्रिंस ने बताया कि वह 40 रुपये किराए के खर्च कर जिला अस्पताल में टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने आया था। उम्मीद थी कि यहां सरकारी इंजेक्शन मुफ्त में लग सकेगा और उसकी गुणवत्ता भी अच्छी होगी। प्रिंस ने बताया कि उसे बाजार से खरीदकर इंजेक्शन लाना पड़ा। यह तो वह अपने घर के पास ही मेडिकल से खरीदकर लगवा सकता था, तो उसके 40 रुपये किराए के बच जाते।
दो महीने में चौथी बार खड़ी हुई समस्या
टिटनेस के इंजेक्शन की समस्या कोई एक दिन की नहीं है। जिला अस्पताल में पिछले दो महीने में चौथी बार टिटनेस के इंजेक्शन का स्टाक खत्म हुआ है। महीने में 15 दिन ही टिटनेस का इंजेक्शन अस्पताल में मिलता है, शेष दिनों में लोगों को बाहर से ही यह इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है।
टिटनेस के इंजेक्शन के लिए जैम पोर्टल पर बुकिंग कराई जा चुकी है। लेकिन समय से आपूर्ति न होने के कारण समस्या पैदा होती है। शीघ्र पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन उपलब्ध होंगे।
मदनलाल,सीएमएस