आगरा में थाना सिकंदरा के दहतोरा गांव में भूमिगत केबल डालना टोरंट पावर टीम को भारी पड़ गया। विरोध पर उतरी महिलाओं ने टोरंट कर्मियों और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
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अचानक हुए पथराव से वहां अफरातफरी मच गई। टोरंट कर्मियों ने खेतों भागकर अपनी जान बचाई। पथराव में टोरंट कर्मचारियों और अधिकारियों के अलावा पुलिस कर्मी घायल हो गए।
इस मामले में पुलिस ने गांव छह युवकों को हिरासत में लिया है। वहीं टोरंट पावर की मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दहतोरा गांव में भूमिगत केबल डालने के लिए टोरंट पावर अधिकारियों ने कई बार प्रयास किए, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते उन्हें पीछे हटना पड़ता है।
पिछले दिनों प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद गांव में केबल डालने का काम शुरू हो गया था। दो दिन से वहां गांव चल रहा था, लेकिन बुधवार को अचानक विरोध के स्वर उठने लगे।
इस बार महिलाओं ने मोर्चा संभाला। दोपहर करीब 12 बजे महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया, लेकिन टोरंट ने काम बंद नहीं किया, उल्टे कर्मचारी बढ़ा दिए और पुलिस फोर्स भी पहुंच गया।
जान बचाकर भागे
जब काम बंद नहीं हुआ तो महिलाओं ने दो तरफ से पथराव शुरू कर दिया। फलस्वरूप कर्मचारी और पुलिस वाले बीच में फंस गए। अचानक हुए पथराव से वहां भगदड़ मच गई और टोरंट कर्मी जान बचाने को इधर उधर भागने लगे।
भागते कर्मचारियों को वाहनों पर पथराव किया गया। जानकारी मिलती ही थाने से और फोर्स पहुंचा, तब बमुश्किल स्थिति पर नियंत्रण किया जा सका।
बाद में पुलिस ने दबिश देकर गांव के लगभग छह युवकों को हिरासत में लिया है। वहीं टोरंट पावर की ओर से थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पथराव में टोरंट पावर की ओर से भूपेंद्र सिंह, विनय शंकर झा, अब्दुल रशीद बेग, पीयूष सिन्हा, मनीष कुमार और दो मजदूरों के चोट आई है। वहीं कई पुलिस कर्मियों के भी पत्थर लगे हैं, इनमें रविंद्र कुमार नामक सिपाही के अधिक चोट आई है।
घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उधर ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने दबिश के नाम पर गांव में तांडव किया। महिलाओं औरनिर्दोष लोगों से मारपीट की गई।
पुलिस ने रिश्तेदारों को हिरासत में ले लिया है। देर शाम को थाने पर सुलह के लिए भाजपा नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया था।