मैनपुरी। दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव भागपुर में 11 साल के बच्चे को करंट के तारों पर फेंकते हुए उसकी गैर इरादतन हत्या के मामले में मंगलवार को कोर्ट से तीन दोषियों को सजा सुनाई गई। इन्हें सात-सात साल की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। एफटीसी प्रथम बिशनू कुमार मिश्रा की अदालत से यह फैसला सुनाया गया है। घटना 7 जून 2015 की है। विनोद कुमार पाल निवासी ग्राम भागपुर, दन्नाहार ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप था कि उसका 11 साल का बेटा ओवेश कुमार रोज की तरह राजाराम धोबी निवासी नगला भूरी के खाली खेत में बकरियां चरा रहा था। बेटी सपना साथ में थी। गांव के रोहिताश पुत्र रामसरन भी अपनी बकरियां चरा रहे थे। पास में ही धनीराम पुत्र भवानी प्रसाद निवासी नगला तुला के करीब 56 बीघा में मक्का की फसल खड़ी थी। खेत के कोने पर डबल पोल पर ट्रांसफार्मर रखा था, जिससे अवैध तरीके से मक्का के चारों तरफ सिल्वर के नंगे तारों से 2 फेसों से विद्युत प्रवाहित कर रखी थी। बेटे ओवेश कुमार को सुरेश व उनके बेटे उमाकांत व उदयवीर ने अपने पास बुलाया। कहा, आज के बाद बकरियां न लाना। बेटे व बेटी सपना ने कहा कि खाली खेत में बकरियां चर रहे हैं। इसी बात पर गुस्से में आकर बेटे ओवेश को मक्का की फसल की सुरक्षा में लगाए गए बिजली के तारों पर फेंक दिया। बेटे की करंट से मौके पर ही मौत हो गई। सपना, रोहिताश रोते हुए घर आए। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। मौके पर पुलिस पहुंची। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने विनोद कुमार की ओर से उमाकांत, सुरेश, उदयवीर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से संजीव चौहान ने गवाह व साक्ष्य पेश किए। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।