संक्रमण की तीसरी लहर से पहले एसएन मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में 126 बेड की तीन यूनिट शुरू हो जाएगी। 42-42 बेड की तीनों यूनिट के लिए केंद्र सरकार एसएन को 8.4 करोड़ रुपये देगी। जिसमें आईसीयू के लिए स्टाफ, उपकरण और मास्क, ग्लव्स (कन्ज्यूमेबल्स) का खर्च भी शामिल है।
तीन आईसीयू यूनिट में एक बच्चों के लिए पीआईसीयू होगा। जिसमें 42 बच्चों के छोटे वाले बेड होंगे। बाकी दो यूनिट वयस्क रोगियों के लिए होगी। एसएन प्राचार्य डॉ. संजय काला ने दावा किया है कि 30 अगस्त तक 42-42 बेड की तीनों यूनिट शुरू हो जाएगी। प्रत्येक यूनिट के लिए 2.8 करोड़ रुपये का बजट मिलेगा। तीनों यूनिट का प्रस्ताव एसएन प्रशासन ने केंद्र सरकार को भेजा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र ने आकस्मिक उपचार के लिए ईसीआरपी स्कीम बनाई है। जिसमें एसएन शामिल है। एसएन प्राचार्य डॉ. काला ने बताया कि बिल्डिंग व खाली बेड उपलब्ध हैं, सिर्फ स्टाफ और उपचार में इस्तेमाल होने वाले कज्यूमेबिल्स की जरूरत है। जिसे ईसीआरपी फंड से पूरा किया जाएगा।
सबसे ज्यादा मानव संसाधन की जरूरत
कोविड में उपचार के लिए मानव संसाधन की सबसे बड़ी जरूरत है। एसएन में पिछले दिनों 16 चिकित्सकों को दूसरे मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया है। जबकि 22 चिकित्सक दूसरे जिलों से एसएन आए हैं। एसएन प्राचार्य का कहना है सिर्फ छह चिकित्सक बढ़े हैं, जबकि हमें 40 से अधिक चिकित्सकों की जरूरत है। इनके अलावा 78 पैरामेडिकल स्टाफ आउटसोर्स से मिला है। जबकि 100 से अधिक नॉन मेडिकल स्टाफ की कमी है।
जून में होना था पूरा, 50 फीसदी ही बन सका
जनवरी 2020 में एसएन मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। अब तक 18 माह में भवन निर्माण का 50 फीसदी काम हो सका है। अभी इसके निर्माण में छह महीने से अधिक समय लगेगा। जून 2021 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन कोरोना महामारी और एनओसी से जुड़ी परेशानियों के कारण निर्माण में देरी हुई है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजय काला के मुताबिक अगले 6 माह में पूरा काम करने के लिए कहा गया है ताकि जल्द सेंटर शुरू किया जा सके।
आगरा का 'एम्स': दिल और गुर्दा रोगियों को मार्च से एसएन में ही मिलेगा इलाज, जल्द पूरा होगा सुपर स्पेशियलिटी सेंटर