फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तिरंगा हाथ में यही पहचान काफी है ...

विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। बज्मे शरार ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मुशायरा व काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्था के अध्यक्ष अब्दुल कदीर जिया के आवास पर किया गया। जिसमें शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। अध्यक्ष अब्दुल कदीर ने कलाम पढ़ा कि तिरंगा हाथ में अपने यही पहचान काफी है, हमारे वास्ते तो बस हिंदुस्तान काफी है।
विज्ञापन

शायर हुजैफ अंसारी ने काव्य पाठ किया कि हम भारत के वीर हैं, अपनी आन पर जान लुटा देंगे, बुरी नजर से जो देखेगा उसका नाम मिटा देंगे। कवि शमशुद्दीन ने कलाम पेश किया कि आजादी का अमृत पीकर चले देश् के वीर। डा. मोहम्मद मियां ने पढ़ा कि आजादी की कभी शाम न होने देंगे, शहीदों की कुर्बानी बदनाम न होने देंगे, बची है खून की एक बूंद भी जब तक जिस्म में, भारत मां का आंचल नीलाम न होने देंगे।
कार्यक्रम में एसएस खान, साहिल खान, आमिर खान, डॉ. बहार मिया, होरीलाल व्यास, महावीर प्रसाद संगम, यासीन आतिश, तौसीफ अहमद ने भी कलाम पढ़े। इस दौरान शहजाद, डॉ. इरशाद अहमद, डॉ. सगीर अहमद, डॉ. अली इमरान, इरफान, अरूण कुमार, नितिज, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें