कासगंज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट विद्यालयों की मान्यता के लिए कड़े नियम और शर्तें लागू होने से लोगों का स्कूल खोलने के प्रति मोह भंग हो रहा है। मान्यता के लिए तीस साल की डीड अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन बैंक खाते में भेजने की शर्त भी लगाई गई है। इसके चलते वर्तमान सत्र में मान्यता के लिए एक ही आवेदन किया गया है। यूपी बोर्ड की मान्यता लेना अब आसान नहीं रह गया है। जनपदीय समिति आवेदन का विस्तृत निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के समय विद्यालय भवन, प्रयोगशाला, खेल के मैदान, बाउंड्रीवाल, पुस्तकालय आदि की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी की जाएगी। विद्यालय को विद्यार्थियों से लिए जा रहे शिक्षण शुल्क का लेखा-जोखा रखना होगा। शिक्षण शुल्क में से कम से कम 70 प्रतिशत शैक्षिक व अन्य कर्मियों की परिलब्धियों पर खर्च करना होगा। विद्यालय की वेबसाइट पर ई-मेल, फोन नंबर के अलावा आधारभूत सुविधाओं जैसे भवन, कक्ष की संख्या, कंप्यूटर, खेल, पुस्तकालय, लाइट, पंखे आदि का विवरण दिया जाएगा। योग्यता सहित शिक्षकों का विवरण, कक्षावार छात्र-छात्राओं की संख्या, प्रत्येक वर्ष का परीक्षाफल व शुल्क का विवरण भी प्रदर्शित करना होगा। पानी के लिए सबमर्सिबल, आरओ पाइप पेयजल, ओवरहेड टैंक, हैंडवाश प्लेटफार्म की व्यवस्था करनी होगी। छात्र-छात्राओं के अलग-अलग शौचालय के अलावा दिव्यांगों के लिए रैंप सहित अन्य विशेष इंतजाम अनिवार्य रूप से करने होंगे।