कासगंज। लिवर संबंधी समस्या काफी गंभीर मानी जाती है। इसके इलाज के लिए जिला अस्पताल में विशेष चिकित्सक नहीं है। उपचार के नाम पर यहां की व्यवस्था केवल प्रारंभिक जांच तक ही सीमित है। इलाज के लिए मरीज को जिले के बाहर के चिकित्सकों के पास जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जिला अस्पताल में लिवर से जुड़ी बीमारियों के रोगी लगातार पहुंच रहे हैं और उनकी संख्या में इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार को ही 61 मरीजों ने अपनी एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट) जांच कराई। अस्पताल में आने वाले मरीजों में लिवर के एंजाइम में गड़बड़ी आ रही है। वहीं अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में फैटी लिवर की समस्या बढ़कर आ रही है। लिवर के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण पीड़ितों को बाहर इलाज के लिए जाना पड़ता है। निजी क्षेत्र में भी कोई चिकित्सक नहीं है। रोगियों की बढ़ती संख्या के बीच लोगों को महानगरों की ओर इलाज के लिए जाना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि लिवर संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। उसके पीछे अधिक जंक फूड का सेवन करना व चिकनाई का अधिक सेवन करना है। इसके अलावा दूसरा कारण मदिरा पान करना है। जंक फूड का अत्यधिक सेवन करने के कारण बच्चे भी शिकार हो रहे हैं। सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना का कहना है कि खानपान पर ध्यान नहीं देने से लोगों में लिवर की समस्या बढ़ रही है। अस्पताल पर आने वाले मरीजों की जांच के इंतजाम तो हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है।