कासगंज। जिले में शनिवार को बदायूं-अलीगंज हाईवे पर पटियाली-दरियावगंज के बीच ककराला के तालाब में अनियंत्रित ट्रक्टर ट्राॅली के गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे के बाद से सड़क किनारे के तालाबों पर बैरिकेडिंग व अन्य सुरक्षा के इंतजाम न होने पर सवाल उठ रहे हैं। जिले में हाईवे व अलग अलग मार्गों पर 40 से अधिक तालाब हैं। जहां न बैरिकेडिंग है और न ही सुरक्षा के इंतजाम। कभी भी ऐसे खौफनाक हादसे होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
ककराला गांव के जिस तालाब पर यह हादसा हुआ। उस तालाब के सामने ही एक और दूसरा तालाब है। इस तालाब पर भी कहीं कोई चेतावनी के चिहन नहीं हैं और न ही बैरिकेडिंग। पटियाली दरियावगंज मार्ग पर ही ग्राम उस्मानपुर, सिकंदरपुर, तरसी नगला, अल्लीपुर दादर पर भी तालाब हैं। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। इसी तरह से मोहनपुर सिढ़पुरा मार्ग पर मोहनपुर पर सड़क किनारे बड़ा तालाब है। अमांपुर रोड पर करसाना के पास सड़क के दोनों ओर तालाब है। यहां भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। वहीं अतरौली मार्ग में ढोलना पर एक तालाब है और एक तालाब बाहिदपुर पर है। ढोलना के दूसरेे गढ़ी मार्ग पर भी महाविद्यालय के सामने एक बड़ा तालाब है। वहीं गढ़ी गांव के मार्ग पर भी एक बड़ा तालाब है। छावनी-अंडउआ नगला मार्ग पर दो तालाब हैं। किसरौली मार्ग पर एक तालाब फरीदपुर पर और एक तालाब किसरौली पर सड़क किनारे बना है। इन सभी तालाबों पर कहीं भी न सुरक्षा से जुड़े संकेतक हैं और न ही बैरिकेडिंग लगी हुई है। इन तालाबों से जुड़े मार्गोें पर काफी ट्रैफिक निकलता है। फिर भी इन तालाबों पर यातायात की सुरक्षा के लिए इंतजाम नहीं किए गए। प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे के इन तालाबों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए तो दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
जिले में 400 से अधिक तालाब हैं, लेकिन सड़क किनारे कितने तालाब हैं इसकी स्पष्ट गणना नहीं है। ऐसे तालाबों को चिह्नित किया जाएगा और सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा- सचिन, सीडीओ।