कासगंज। मोहल्ला मोहन निवासी नीरज पत्नी के दहेज उत्पीड़न के आरोपों से तंग होकर घर छोड़कर चला गया। पुलिस सात वर्ष बाद उसे लखनऊ से बरामद कर लिया। इसी के साथ युवक के अपहरण के मामले का खुलासा हो गया। अपहरण का मामला झूठा निकला। युवक के सकुशल मिल जाने पर परिजन में खुशी की लहर दौड़ गई।मोहल्ला मोहन निवासी नीरज पुत्र प्रेमचंद्र वाल्मीकि 23 मार्च 2017 को अचानक लापता हो गया।युवक के लापता हो जाने से परिजन चिंतित हो गए। परिजन ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट का सहारा लिया गया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 2022 में मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से युवक को लखनऊ से बरामद कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि युवक की पत्नी दहेज उत्पीड़न की आए दिन शिकायत कर रही थी। जिससे परेशान होकर युवक घर छोड़कर चला गया। कोर्ट के आदेश पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया। यह मामला फर्जी निकला। इस सफलता प्राप्त करने पर पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के नकद इनाम से पुरस्कृत किया गया है। मामले की अन्य जानकारी की जा रही है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला लोहारली के बच्चे एलईडी के माध्यम से पढाई करते हुए।संवाद