आगरा। सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अदालत में आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुंदन किशोर सिंह ने कागारौल के गांव मुरकिया निवासी वजीर और बीसलपुर निवासी शहीद को ठोस साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए हैं। थाना कागारौल में दर्ज केस के अनुसार किशोरी की मां ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी शौच के लिए जब खेतों की ओर गई थी, तब आरोपियों ने पुत्री को पकड़ लिया और सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अदालत में आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। उसके माता-पिता पूर्व गवाही से मुकर गए। रिपोर्ट में घटना शाम 5 बजे की बताई जबकि पीड़िता ने सुबह 5 बजे की घटना बताई। संवाद