गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों में अग्निकांड की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। जरा सी चूक से आग भड़क सकती है। अगर, कुछ सावधानी बरती जाए तो अग्निकांड की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसवीर सिंह का कहना है कि घरों में आग लगने की घटनाएं गैस सिलेंडर में लीकेज और शार्ट सर्किट से होती है। इसके अलावा खेत-खलिहान में आग जलती हुई बीड़ी फेंकने, आतिशबाजी और बिजली के तारों की चिंगारी से लगती हैं। अगर, सावधानी बरती जाए तो बचाव संभव है।
- खलिहान को कैसे बचाएं?
. खलिहान, तालाब और पानी के स्रोतों के निकट लगाएं।
. खलिहान के पास पानी से भरे घड़े, मिट्टी के ढेर लगाएं।
. थ्रेसर में गीली फसल न लगाएं। यह फंसकर घर्षण उत्पन्न करती है, जिसकी गर्मी से आग लग जाती है।
. बिजली की लाइन और ट्रांसफार्मर के पास खलिहान न लगाएं।
- ग्रामीण इलाकों में ध्यान रखें।
. फूस के घर रेलवे लाइन और बिजली की लाइन से दूर हों।
. सूखे कंडों के ढेर घर से सौ फीट की दूरी पर लगाएं।
. चूल्हे की जलती बची लकड़ी को पूर्ण रूप से बुझा दें।
. लैंप और पेट्रोमेक्स छप्परों पर मत टांगिए।
- आग लगने पर क्या करें?
. शोर मचाकर लोगों को आग के बारे में बताएं।
. शरीर में आग लगने पर दौड़िये मत।
. जमीन पर लेटकर दोनों हाथों से चेहरे को ढक लें।
. धीमी गति से जमीन पर लुढ़कने से आग बुझेगी।
. जानवरों को लोहे की जंजीर से न बांधे, केवल रस्सी का प्रयोग करें।
- घरों में ऐसे करें बचाव
. बिस्तर में लेटकर बीड़ी-सिगरेट का प्रयोग मत कीजिए।
. बिना बुझाए हुए बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े न फेंकें।
. भोजन बनाते समय पहने हुए कपड़ों का प्रयोग बर्तनों को उठाने में न करें।
. जलते हुए स्टोव और लालटेन में मिट्टी का तेल न भरें।
. घर में लगी बिजली की पुरानी वायरिंग को बदल दें।
. बिजली के कटे तारों को तुरंत बदलवा दें।
. सही फ्यूज लगाएं और एक ही प्लग में कई यंत्र न लगाएं।
. गैस सिलेंडर में लीकेज पर बिजली स्विच आन-आफ न करें।
. लीकेज सिलेंडर को घर के बाहर खुले स्थान पर रख देें।
. रात में सोने से पहले गैस सिलेंडर का वाल्व बंद कर दें।
. गैस सिलेंडर का पाइप पुराना होने पर तुरंत बदलवा दें।
. एक ही कमरे में चूल्हा, अंगीठी और बिजली स्टोव न जलाएं।
. शार्ट सर्किट से आग लगने पर बिजली का मेन स्विच बंद करें।
. आग लगने पर फायरब्रिगेड के नंबर पर तुरंत सूचित करें।