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Agra News: पानी बढ़ने से बेचैनी बढ़ी, सुख-चैन छिनने से ग्रामीण बेहाल

Sat, 06 Sep 2025 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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फोटो23कछला गंगाघाट पर झोपड़ी के पास भरा बाढ़ का पानी। संवाद
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कासगंज। लंबे समय से बाढ़ की आपदा का सामना कर रहे ग्रामीण बाढ़ की आपदा के आगे अब बेबस नजर आने लगे हैं। अब वे त्राहिमाम करने लगे हैं। उनका सुख-चैन सब छिन गया है। बेचैनी उनकी दिनचर्या में नियमित रूप से शामिल हो गई है। बाढ़ के साये में रहते हुए उन्हें करीब डेढ़ माह हो गया है। भोजन से लेकर पशुओं के चारे की समस्या हर दिन परेशान कर रही है। गंगा में बाढ़ के नित नए तेवर देख वे डर सहम गए हैं। जल्द राहत मिलती नहीं देख उनकी मायूसी बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में नरौरा बैराज से 20 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ गया है। इससे से बाढ़ प्रभावित इलाकाें में भी जलस्तर में वृद्धि होने लगी है।पिछले दिनों पहाड़ो और मैदानी इलाकों में हुई लगातार बारिश ने गंगा में उफान के हालात बना दिए। उम्मीद है कि बारिश थमन के बाद बैराजों को प्रवाह भी कम होगा तो जलस्तर घटेगा। हालांकि वर्तमान में गंगा के पानी में उफान के कारण हालात परेशान करने वाले हैं। लहरा, बघेला, डिंगलेशनगर, दतलाना सहित आसपास के गांव पिछले माह गंगा के उफान के दौरान बाढ़ की चपेट में आए थे। जलस्तर घटने पर ग्रामीणों को राहत मिली, लेकिन अब फिर से इन इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। ये सभी इलाके कासगंज सदर तहसील क्षेत्र के हैं। ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। दतलाना के हरिओम ने बताया कि गंगा का पानी लगातार एक दिन पहले से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीण फिर से चिंतित हो रहे हैं। वहीं पटियाली इलाके के 26 प्रभावित गांव में भी राहत नहीं मिल पा रही। कई गांव बाढ़ के सैलाब की चपेट में हैं। नगला जयकिशन, नगला पनसेाती, मूंजखेड़ा, नगला हंसी, नगला नरपत, राजेपुर कुर्रा, नगला दुर्जन के आबादी क्षेत्र बाढ़ के पानी से काफी भरे हुए हैं। इन गांव के ग्रामीण जैसे तैसे दुश्वारियों के बीच अपना जीवनयापन कर रहे हैं, लेकिन फिर से पानी का बढ़ता स्तर देख घबरा रहे हैं। नगना जयकिशन के जगवीर सिंह बताते हैं कि लगातार पानी बढ़ता जा रहा है। सड़कों पर कमर तक पानी पहुंच गया है। कोई राहत नहीं मिल पा रही। ग्रामीणों की फसलें भी बर्बाद हो चुकी है। बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है। लोग बेहद परेशान हैं। प्रशासन के स्तर से अपेक्षित मदद नहीं मिल पा रही। आम जनजीवन प्रभावित है। सुख-चैन नहीं रहा। सभी परेशान हैं। बच्चों को खासी दिक्कत हो रही है। घरों में कैद हुए लंबा समय बीत गया है। आवागमन भी लगभग बंद है। प्रशासन की ओर से मिलने वाली राहत भी सीमित ही है। बाढ़ की स्थिति से जल्द राहत मिलती नहीं दिख रही है। ऐसे में हर दिन ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ रही है।
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