पटियाली(कासगंज)। पटियाली-दरियावगंज मार्ग पर जिस तालाब पर ट्रैक्टर-ट्रॉली गिरी उस तालाब के पानी को फायर ब्रिगेड व पंपसेटों की मदद से निकलवाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रशासन की यह कोशिश विफल रही। तालाब खाली नहीं हो पाया। शनिवार को हुई दुर्घटना का यह तालाब मंजर बयां कर रहा था। क्योंकि तालाब में मृतकों की चप्पलें तैर रहीं थीं और गंगाजल लाने के लिए श्रद्धालुओं के द्वारा ले जाई जार ही केन भी नजर आ रही थी।
ककराला का यह आदर्श तालाब अब खूनी तालाब के रूप में देखने जा रहे हैं। रविवार को भी यहां लोगों के पहुंचने का तांता लगा हुआ था। तालाब में तैरती दिखाई दे रहीं चप्पलों को लोग दे रहे थे। वहीं तालाब के बाहर ट्रैक्टर और ट्रॉली भी खड़ी हुई थी। इसे भी लोग देख रहे थे। दुर्घटना में 23 जानें चली गईं। 9 लोग घायल हुए। इस तालाब पर पहुंचने वाले कोई लोग तो पीडब्ल्यूडी पर सवाल खड़े कर रहे थे तो कोई ग्राम पंचायत पर। तालाब की बैरिकेडिंग भी नहीं थी। सड़क के किनारे भी पटरी नहीं थी। लोग अपनी अपनी तरह से सवाल खड़े कर रहे थे। तालाब के किनारे पीडब्लयूडी के द्वारा भी बेरिकेडिंग नहीं लगाई गई। जबकि इस तालाब के सामने सडक़ की दूसरी ओर भी तालाब है। प्रशासन इस आशंका में तालाब का पानी निकलवाने की कोशिश में जुटा था कि कहीं कोई और तो तालाब में डूबा नहीं रह गया, लेकिन किसी के द्वारा किसी के लापता होने की सूचना नहीं दी गई। ऐसी स्थिति में प्रशासन ने तालाब खाली करने का प्रयास बंद कर दिया, लेकिन तालाब के पानी में मृतकों की तैरती चप्पलें हादसे की भयावहता बयां कर रहीं थी।