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UP: मैनपुरी में जब भाजपा प्रत्याशी विजयी घोषित हुआ...पर 20 मिनट में पलट गई बाजी; सपा ने सबको चौंका दिया था

Fri, 29 Mar 2024 03:49 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी लोकसभा सीट को जीतने के लिए भाजपा के प्रयास जारी हैं। यहां कई नेताओं पर भाजपा ने दांव लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। वर्ष 1998 में एक समय वो आया, जब लगा कि मैनपुरी के किले पर भाजपा ने फतह हासिल कर ली है, लेकिन महज 20 मिनट में ही ये खुशी काफूर हो गई थी। 

 
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मुलायम सिंह यादव ने की थी चुनावी जनसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में वर्ष 1998 में का चुनाव कभी भूला नहीं जा सकता है। ये वो चुनाव है जब भाजपा जीत का स्वाद चखते-चखते रह गई। भाजपा प्रत्याशी की जीत की खुशी मिनटों में काफूर हो गई। नवीन मंडी के मतगणना स्थल में पहले भाजपा जिंदाबाद के नारे लगे। अचानक सपा की जीत की घोषणा से सपा जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे। भाजपाइयों ने मतगणना के दौरान हेराफेरी और धांधली का आरोप भी लगाया।
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वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में सपा ने बलराम सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया। भाजपा ने शिकोहाबाद के अशोक यादव पर दांव खेला। अशोक ने चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं में जमकर उत्साह भरा। चुनावी सभाओं में खुलेआम कहा भाजपा कार्यकर्ता पर जो हाथ उठेगा वह तोड़ दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने मतदान के दिन भाजपा के पक्ष में खुलकर मतदान किया और लोगों को घरों से मतदान केंद्र पर लाकर मतदान भी कराया।

 

भाजपा प्रत्याशी ने सपा प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी। मतगणना के दौरान अंतिम राउंड से पहले तक दोनों प्रत्याशियों में कांंटे की टक्कर दी। मतपत्रों से तब चुनाव हुआ था। मतगणना के अंतिम राउंड के बाद पहले तो भाजपा प्रत्याशी की जीत की घोषणा हो गई। भाजपा कार्यकर्ता जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। लगभग 20 मिनट बाद अचानक सपा प्रत्याशी की जीत की घोषणा कर दी गई। मतगणना स्थल पर सपा जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे। भाजपाइयों ने अंतिम राउंड में मतगणना के दौरान हेराफेरी और धांधली करने का आरोप लगाते हुए मतगणना स्थल पर जमकर हंगामा काटा।

 

डीएम आवास पर हुआ था विवाद
भाजपा प्रत्याशी की हार की घोषणा होते ही भाजपाई आक्रोशित हो गए। भाजपा नेता रामनरेश अग्रिहोत्री, अरविंद तोमर, शिवओंकार नाथ पचौरी ने आरोप लगाया कि भाजपा को जानबूझकर हराया गया है। भाजपाई एकजुट होकर डीएम आवास पर पहुंच गए। तत्कालीन डीएम रामवचन वर्मा से विवाद हुआ। मगर तब तक जीत का प्रमाणपत्र बलराम सिंह के चुनावी एजेंट देवेंद्र सिंह यादव को दे दिया गया।

 
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दस हजार वोटों से हुई हार
भाजपा प्रत्याशी अशोक यादव की 10366 वोटों से हार हुई थी। सपा प्रत्याशी बलराम सिंह यादव को 264734 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी को 254368 वोट मिले। आज तक के लोकसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी की सबसे कम वोटों से हार हुई।
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