जांच समिति ने दर्ज किए मुख्य सेविकाओं के बयान -आंगनबाड़ी केंद्रों से ऑडिट के नाम पर अवैध वसूली का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी केंद्रों से वसूली के मामले की जांच शुरू हो गई है। सोमवार को जांच समिति ने मुख्य सेविकाओं के बयान दर्ज किए। साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी जुटाई। जिलाधिकारी के आदेश पर जांच समिति मामले की जांच कर रही है।
ब्लॉकों में तैनात 11 मुख्य सेविकाओं ने आरोप लगाया था कि उन पर प्रति आंगनबाड़ी केंद्र एक हजार रुपये वसूल करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसे लेकर सभी मुख्य सेविकाओं ने निदेशक को भी शिकायत भेजी थी। मामले में निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अपने स्तर से मामले की जांच कराने के लिए कहा था और जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योती शाक्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने मामले में समिति गठित कर जांच कराने के आदेश सीडीओ को दिए थे। सोमवार को समिति में शामिल परियोजना निदेशक सतेंद्र सिंह और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नेहा पांडेय ने मामले की जांच की। उन्होंने विकास भवन स्थित कार्यालय में सभी मुख्य सेविकाओं के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार मुख्य सेविकाएं अपने बयान पर अडिग हैं। जांच समिति ने उनसे वसूली के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा है। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी से भी अन्य आरोपों के संबंध में अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए लिखा है।
मामले की जांच की जा रही है। बयान लेना या अभिलेख लेना एक जांच की प्रक्रिया है। जांच में जो भी सामने आएगा उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। -सतेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक/जांच अधिकारी