पटियाली में धरना दे रहे भाकियू स्वराज कार्यकर्ताओं से वार्ता करते एसडीएम ।
पटियाली। भारतीय किसान यूनियन स्वराज ने तहसील में भ्रष्टाचार और उगाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पांच घंटे तक घेराव किया। किसानों ने धरना देकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष ललित मिश्रा ने कहा कि ग्राम समाज की जमीनों पर भूमाफिया और दबंग लोगों द्वारा लेखपाल व कानूनगो से मिलकर कब्जा किया जा रहा है।उन्होंने गरीब किसानों से काम के नाम पर धन की उगाही हो रही है। विरोध करने पर अधिकारियों द्वारा किसानों पर फर्जी मुकदमा लिखाने की धमकी दी जाती है। नगला हंसी निवासी किसान उदयवीर को लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने मृत घोषित करके उनकी लगभग दस बीघा जमीन की फोती दूसरे गांव के लोग के नाम कर दी। इसी तरह की लगभग दो दर्जन किसानों की समस्या सामने आईं। किसानों ने धरने के दौरान अधिकारियों को बुलाने की मांग की। किसानों ने तहसील में ताला बंदी की चेतावनी दी। इसके बाद उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल मौके पर पहुंचे। तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद जब उपजिलाधिकारी पहुंचे तो किसान नेता भड़क गए और उपजिलाधिकारी से नोकझोंक हुई। किसानों ने दो घंटे तक उपजिलाधिकारी को अपने साथ जमीन पर बैठाए रखा और किसानों की सभी समस्याओं को रखा। उपजिलाधिकारी ने सभी किसानों की समस्याओं को समय रहते हल करने का आश्वासन दिया। दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।