आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विषम सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत लागू माइनर विषयों की अलग व्यवस्था आने वाले दिनों में परिणामों की गति को प्रभावित कर सकती है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा समाप्त होने के एक सप्ताह के भीतर ही दो परास्नातक पाठ्यक्रमों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। कई अन्य पाठ्यक्रमों के मेजर विषयों का मूल्यांकन भी पूरा हो चुका है। हालांकि, एनईपी के तहत छात्रों ने मेजर के साथ-साथ माइनर विषयों की भी परीक्षा दी है। समस्या यह है कि जहां मेजर विषय प्रत्येक महाविद्यालय में समान हैं, वहीं माइनर विषय अलग-अलग महाविद्यालयों में अलग-अलग हैं। माइनर विषयों का मूल्यांकन भी विभिन्न केंद्रों पर कराया जा रहा है।