सोरोंजी में शूकर क्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा में शामिल श्रद्धालु।
सोरोंजी। निर्जला एकादशी पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाई। सुबह हरि की पौडी में गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालु क्षेत्राधीश भगवान वराह मंदिर पहुंचे। यहां भगवान वराह का पूजन व आरती करने उपरांत पंचकोसी परिक्रमा में सम्मिलित हुए।शूकरक्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति के तत्वावधान में परिक्रमा आयोजित हुई। गंगाजी की परिक्रमा मार्ग सूर्यकुंड, दूधेश्वर, बटुक भैरव मंदिर जया पीठ , ग्राम देवी मंदिर होते हुए श्रद्धालु प्रथम पड़ाव 84 घंटे वाली मां मंदिर पर पहुंचे। मां गंगा भगवान वराह की महिमा का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालु इसके बाद नगला सेडू, बाछरू महाराज होते हुए सीता रसोई पहुंचे यहां धर्मप्रेमी रामदर्शन महेरे, पूरन श्रीवास्तव, ओमप्रकाश मौर्य आदि ने हाथ के पंखे, खरबूजे, आम प्रसाद के रूप में बांटे। इसके आगे प्रेम जी की बगीची पर सिंगल वाले महाराज स्थल पर करुआ देव महाराज, वनखंडेश्वर महादेव, कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा, चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक, काला गोरा भैरव बाबा मंदिर होते हुए श्रद्धालु वापस भगवान वराह मंदिर पहुंचे। गंगा वराह महासभा अध्यक्ष सुनील तिवारी द्वारा श्रद्धालुओं को फल व लस्सी का अल्पाहार कराया गया। वहीं धर्मप्रेमी अशोक धमनावत, अवधेश दीक्षित ने श्रद्धालुओं को फलाहार कराया। परिक्रमा संयोजक शरद कुमार पांडे ने बताया कि मोक्ष प्रदान करने वाली निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत करने के अलावा गंगा में स्नान करने और दान करने का विशेष महत्व होता है।