मैनपुरी। सहारा इंडिया में आरडी में जमा किए गए 90 हजार रुपये दिलाने की याचिका पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पीड़िता को 45 दिन में जमा धनराशि देने का आदेश दिया है। यह धनराशि शाखा प्रबंधक मैनपुरी और प्रबंधक अलीगंज लखनऊ को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देनी होगी।
शहर के मोहल्ला छपट्टी में आंबेडकर पुस्तकालय के पास रहने वाली सविता पत्नी कुलदीप ने 21 सितंबर 2015 को 1500 रुपया महीना के हिसाब से एक आरडी सहारा इंडिया की राधारमण रोड स्थित शाखा में खोली थी। उसने नियमित रूप से रुपया जमा किया। समयावधि पूरी होने के बाद जब उसने जमा धनराशि का भुगतान करने को कहा तो शाखा प्रबंधक ने भुगतान नहीं किया। उसने लखनऊ में अलीगंज शाखा में शिकायत की तो सुनवाई नहीं हुई।
सविता ने जमा धनराशि दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। आयोग में उसने ने प्रमाण भी प्रस्तुत किए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंद कुमार ने सविता का पक्ष सुना। आयोग द्वारा सुनाए गए निर्णय में कहा गया सविता द्वारा जमा की गई धनराशि 90 हजार रुपया 45 दिन में शाखा प्रबंधक मैनपुरी और प्रबंधक अलीगंज लखनऊ को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देनी होगी।
खर्चा मिलेगा 16 हजार रुपये
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंद कुमार ने 16 हजार रुपये पीड़िता को खर्चे के रूप में देने का भी आदेश दिया है। आदेश में लिखा है पीड़िता को छह हजार रुपये मुकदमे का खर्चा तथा 10 हजार रुपया मानसिक और शारीरिक कष्ट के रूप में 45 दिन में दिया जाएगा। इस धनराशि पर कोई भी ब्याज नहीं दिया जाएगा।