मैनपुरी के थाना कोतवाली क्षेत्र में दो साल पहलेे चार माह के मासूम की गला दबाकर हत्या करने वाली मां को अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद दोषी पाई गई मां को जेल भेजा गया है।
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शहर के मोहल्ला गाड़ीवान के रहने वाले अनिल कुमार की शादी वर्ष 2020 में अंशिका निवासी न्यू गाड़ीवान के साथ हुई थी। शादी के बाद अंशिका ने एक पुत्र को जन्म दिया। अप्रैल 2022 में अंशिका अपने चार माह के मासूम पुत्र के साथ मायके चली गई। एक मई 2022 को अंशिका ने अपने मासूम पुत्र की गला दबाकर हत्या कर दी। पुत्र की हत्या की जानकारी मिलने के बाद सुसराल पहुंचे अनिल ने अपनी पत्नी अंशिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने अंशिका को जेल भेजने के बाद चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने अंशिका केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर अंशिका को मासूम पुत्र की गला घोटकर हत्या करने का दोषी पाया गया। मासूम की गला दबाकर हत्या करने वाली मां को अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद दोषी पाई गई मां को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
अंशिका को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही वापस जेल भेज दिया गया।
पति को नहीं करती थी पसंद
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कई तथ्य सामने आए। गवाही में पता चला कि अंशिका की अनिल के साथ दूसरी शादी हुई थी। उसने पहले पति को छोड़ दिया था। वह अनिल को भी पसंद नहीं करती थी। गवाही में सामने आया कि अंशिका किसी अन्य के संपर्क में थी। श्यामू नाम का युवक ही उसका खर्चा भी उठाता था।
बच्चे की हत्या करने वाली मां समाज के लिए घातक
अपर जिला जज ने निर्णय में मार्मिक टिप्पणी की है। निर्णय में लिखा है कि अवैध संबंधों के कारण अपने चार माह के मासूम की हत्या करने वाली मां समाज के लिए घातक है। देश में मां को भगवान का दर्जा दिया गया है। मातृ शक्ति की पूजा होती है। मां में वह शक्ति है जो बच्चों के लिए कुछ भी कर सकती है। मां जीवन दायिनी है। बच्चों को संसार की रीति मां ही सिखाती है। मां की ममता के बिना सब कुछ अधूरा है। त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति मां है। संतान पर जब संकट आता है तो मां किसी के भी सामने खड़ी हो जाती है। चार माह के मासूम की गला घोंटकर हत्या करने की घटना दिल दहलाने वाली है।