मैनपुरी। किशनी थाने की पुलिस अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपनी कहानी साबित नहीं कर सकी है। इसका परिणाम रहा कि स्पेशल जज ईसी एक्ट मीतासिंह ने सुनवाई के बाद किशनी थाना पुलिस द्वारा 11 साल पहले तमंचे के साथ पकड़े गए युवक को आरोपों से बरी कर दिया। किशनी थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक तरुण धीमान ने 28 दिसंबर 2012 की शाम रामनगर तरिहा पुल के पास से ब्रजेश चौहान निवासी सभापुर थाना किशनी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद होने का दावा किया था। इस बाबत पुलिस ने विवेचना कर ब्रजेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह के कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में पेश किए गए उप निरीक्षक सहित पुलिस के अन्य गवाहों ने अपनी-अपनी कहानी अदालत सुनाई, लेकिन गवाही में युवक पर लगे आरोपों को साबित नहीं कर पाए। ब्रजेश के वकील प्रशांत भदौरिया ने पुलिस की कहानी साबित नहीं होने पर ब्रजेश को आरोप से बरी करने की दलील दी। स्पेशल जज ने आरोप साबित नहीं होने पर ब्रजेश को तमंचा रखने के आरोप से बरी कर दिया है।