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लंपी से पीड़ित गाय की हालत में हुआ सुधार, टीम ने की जांच

सार

मैनपुरी।जिले में बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं।सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स का कम होना कहीं डेंगू की तरफ तो इशारा नहीं कर रहा है।पशुपालन विभाग की टीम ने तीसरे दिन भी किसान के घर जाकर गाय को उपचार दिया।
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विस्तार
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मैनपुरी।
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जिले में बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भी पहुंचने वाले मरीजों की प्लेटलेट्स कम निकल रही हैं। सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स का कम होना कहीं डेंगू की तरफ तो इशारा नहीं कर रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग की टेंशन बढ़ गई है ऐसे मरीजों की डेंगू जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक सप्ताह में जिला अस्पताल में बुखार के 755 मरीजों की जांच कराई गई। इसमें 200 से अधिक मरीज ऐसे निकले जिनकी सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स कम निकली हैं। हालांकि जिला अस्पताल के डॉक्टरों का मानना है कि यह लोग वायरल की चपेट में हैं। वायरल में भी तेजी के साथ प्लेटलेट्स गिरती हैं। जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स कम निकलने वाले मरीजों की डेंगू की कन्फर्म जांच कराने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद जिला अस्पताल में संदिग्ध मरीजों की डेंगू जांच शुरू हो गई है।
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प्लेटलेट्स कम होने का मतलब डेंगू नहीं
सीएमएस डॉ. मदनलाल ने बताया कि प्लेटलेट़्स कम होने का मतलब केवल डेंगू नहीं है। प्लेटलेट्स डेंगू के साथ ही वायरल, मलेरिया, चिकनगुनिया, किडनी और लिवर फेलियर आदि की स्थिति में भी कम हो सकती हैं। फिर भी जिन मरीजों की प्लेटलेट्स एक लाख से कम निकल रही हैं उनकी डेंगू जांच के आदेश दिए गए हैं।
ओपीडी में पहुंचे 411 बुखार के मरीज
मैनपुरी। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी में 411 बुखार के मरीज पहुंचे। इनमें 150 से अधिक बच्चे थे। जिन्हें बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में उपचार दिया गया। शेष को फिजीशियन कक्ष में उपचार दिया गया। 13 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। 114 मरीजों को बुखार की जांच कराई गई।
लंपी से पीड़ित गाय की हालत में सुधार, टीम ने की जांच
मैनपुरी।
मंगलवार को तीसरे दिन लंपी रोग से पीड़ित गाय की हालत में सुधार हुआ है। पशुपालन विभाग की टीम ने तीसरे दिन भी किसान के घर जाकर गाय को उपचार दिया। इसके बाद मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने भी जाकर गाय की जांच की। उन्होंने बताया कि गाय की हालत में सुधार है। दो दिन में गाय पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी।
रविवार को शहर के दीवानी गेट नंबर दो निवासी नंदराम दीक्षित की गाय लंपी रोग से पीड़ित मिली थी। इसके बाद से ही लगातार पशुपालन विभाग की टीम गाय की निगरानी और उपचार कर रही है। पहले दो दिन तो गाय को बुखार बना रहा, ऐसे में खतरा बना हुआ था। वहीं मंगलवार को भी पशुपालन विभाग की टीम पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन कुमार गर्ग के नेतृत्व में पहुंची। टीम ने जांच की तो पाया कि गाय की हालत में सुधार हुआ है। गाय को तीसरे दिन बुखार नहीं था। इससे पशुपालन विभाग ने राहत की सांस ली है। उन्होंने गाय को उपचार देने के साथ ही निगरानी रखने के लिए कहा।
वहीं दोपहर बाद मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी का गाय का परीक्षण किया। परीक्षण में पाया कि गाय का तापमान सामान्य है। उन्होंने बताया कि अब हालत नियंत्रण में हैं। अधिकतम दो दिनों के उपचार के बाद गाय पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएगी।
लंपी वायरस के लक्षण दिखने पर किसान ने छोड़ी गाय
कुसमरा।
क्षेत्र के एक गांव में किसान ने गाय में लंपी वायरस के लक्षण नजर आने पर उसे छोड़ दिया। किसान के अनुसार उसने निजी चिकित्सक से गाय का उपचार कराया था, लेकिन आराम नहीं होने पर उसने परेशान होकर गाय को छोड़ दिया। वहीं पशु चिकित्साधिकारी मामले की जानकारी न होने की बात कह रहे हैं।
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विकास खंड किशनी की ग्राम पंचायत इलाबांस के मजराहसुआ निवासी रंजीत कुमार ने रुई के मेला से एक साल पहले गाय खरीदी थी। एक सप्ताह पूर्व गाय बीमार हो गई। रंजीत के अनुसार गाय में लंपी वायरस के लक्षण नजर आ रहे थे। गाय का उपचार निजी पशु चिकित्सक से कई दिनों तक कराया। फिर भी गाय को आराम नहीं मिला। परेशान होकर रंजीत ने गाय को छोड़ दिया। रंजीत ने बताया कि गांव में पशुपालन विभाग की टीम नहीं आई और न ही गोवंशों का टीकाकरण किया गया। वहीं पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गाय को लंपी वायरस होने की जानकारी नहीं मिली। क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चल रहा है। किसान ने गाय को किस क्षेत्र में छोड़ा है, इसकी जानकारी कर गाय का इलाज कराया जाएगा।
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