कासगंज। सरकारी निर्माण में आए दिन गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। अब ऐसा ही सवाल जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग को लेकर उठने लगा है। यहां अस्पताल की फाउंडेशन पर ही भवन की दीवारें चटक गई हैं, बढ़ी व गहरी दरारें नजर आने लगी हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भवन को और क्षति हो सकती है। 6 वर्ष पहले ही जिला अस्पताल के इस नए भवन का लोकार्पण सांसद राजवीर सिंह के द्वारा किया गया था।
जिला अस्पताल के भवन का निर्माण 39 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। यह सौ शैय्या का अस्पताल है, लेकिन भवन निर्माण की गुणवत्ता का ध्यान निर्माण के समय नहीं रखा गया। जिसका परिणाम है कि करोड़ों रुपये की लागत से बना यह भवन अभी से दरारें देने लगा है। अक्सर भवन में दरारें छत पर या ऊपरी सतह के निर्माण में नजर आती हैं, लेकिन यहां यह दरारें फाउंडेशन पर ही नजर आ रहीं हैं। जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पड़ताल में प्रसव कक्ष की दीवार फाउंडेशन के पास दरकी हुई मिली। वहीं इसके पास ही पिलर पर भी काफी बड़ी दरारें दिखाई दीं। वहीं ऑक्सीजन प्लांट के बराबर भी जिला चिकित्सालय की बिल्डिंग में काफी गहरी दरारें बनी हुईं थीं। यह स्थिति भवन में अन्य स्थानों पर भी दरारें देखी गईं। महज 6 वर्ष में नए निर्माण की ऐसी स्थिति ने निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी है।
- भवन में आईं दरारों के संबंध में कार्यदायी संस्था जल निगम एवं सीएनडीएस को पत्र लिखकर सूचना दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से भी इसकी गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशासन को पत्र लिखेगा। जिससे नए चिकित्सालय भवन में निर्माण संबंधी समस्या का समाधान हो सके। डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस।